राजस्थान SI भर्ती रद्द होने के बाद सियासी और कानूनी हलचल तेज, रामूराम राईका की अपील सुर्खियों में

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 Ramuram Raika

Ramuram Raika: जयपुर। राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती-2021 पेपरलीक मामले में नया मोड़ आ गया है। आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राईका ने हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा की गई कड़ी टिप्पणियों के खिलाफ अब खंडपीठ में अपील दायर की है। राईका का कहना है कि( Ramuram Raika) कोर्ट की टिप्पणियों ने उनके वर्षों के बेदाग करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

“बिना सबूत के मेरी छवि धूमिल की गई”

अपील में रामूराम राईका ने कहा कि उन्हें केवल आरोपों के आधार पर आरोपी बनाया गया है, जबकि उनके खिलाफ कोई स्वतंत्र पुष्टि, फोरेंसिक साक्ष्य या ठोस न्यायिक प्रमाण मौजूद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि एकलपीठ की टिप्पणियां सुनी-सुनाई बातों और अपुष्ट आरोपों पर आधारित हैं, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और पेशेवर नुकसान हुआ है।

RPSC  कार्यकाल को बताया पूरी तरह बेदाग

राईका ने बताया कि वे 14 जुलाई 2018 से 4 जुलाई 2022 तक आरपीएससी सदस्य रहे। इस पूरे कार्यकाल में न तो उनके खिलाफ कोई शिकायत हुई और न ही किसी तरह की जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने आयोग के हित में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम किया।

बेटा-बेटी के चयन पर भी उठे सवालों का जवाब

अपील में राईका ने स्पष्ट किया कि उनके बेटे देवेश राईका और बेटी शोभा राईका का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू सहित पूरी योग्यता के आधार पर हुआ। उन्होंने कहा कि एक ही भर्ती में दोनों के चयन को लेकर जो “संदेह की छाया” बताई गई है, वह केवल परिस्थितिजन्य है, किसी स्वतंत्र न्यायिक साक्ष्य पर आधारित नहीं।

एसओजी के आरोप और विवाद

एसओजी की एफआईआर और चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि रामूराम राईका ने परीक्षा से छह दिन पहले बेटे-बेटी को हस्तलिखित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया, जो कथित रूप से अन्य सदस्य बाबूलाल कटारा के जरिए मिला। साथ ही इंटरव्यू में प्रभाव डालने के भी आरोप हैं। हालांकि, राईका का कहना है कि ये सभी आरोप अभी असिद्ध और जांचाधीन हैं।

रैंक और गिरफ्तारी का विवरण

एसआई भर्ती-2021 में शोभा राईका 5वीं रैंक और देवेश राईका 40वीं रैंक पर रहे। एसओजी ने दोनों को पेपरलीक के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 1 सितंबर 2024 को रामूराम राईका की भी गिरफ्तारी हुई। फिलहाल तीनों जमानत पर बाहर हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2024 को एसआई भर्ती-2021 (859 पद) को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने आदेश में कहा था कि पेपरलीक में आरपीएससी के 6 सदस्यों की भूमिका सामने आई है और ब्लूटूथ गैंग तक पेपर पहुंचा। इसी आदेश की टिप्पणियों के खिलाफ अब रामूराम राईका के साथ-साथ पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय और पूर्व सदस्य मंजू शर्मा भी अपील दायर कर चुके हैं।

अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की खंडपीठ पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि क्या एकलपीठ की टिप्पणियों पर पुनर्विचार होगा या मामला और गहराएगा।

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