सत्ता बनाम नैतिकता! विधायक निधि विवाद में BJP MLA को नोटिस, विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा

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BJP MLA Controversy

BJP MLA Controversy: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर विधायक निधि और कथित कमीशन का मुद्दा गर्मा गया है। भारतीय जनता पार्टी की अनुशासन समिति ने खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस विधायक निधि से जुड़े एक पत्र जारी करने के बदले कमीशन मांगने के आरोपों को लेकर दिया गया है। (BJP MLA Controversy) पार्टी की ओर से साफ कहा गया है कि डांगा को 20 दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा। इस कार्रवाई को बीजेपी के भीतर अनुशासन और छवि बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

पहले ही बन चुकी है सदाचार समिति

यह मामला केवल पार्टी तक सीमित नहीं है। इससे पहले राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए सदाचार समिति का गठन किया था। यह समिति तीनों आरोपित विधायकों से पूछताछ कर चुकी है और अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है।

स्टिंग ऑपरेशन से हुआ था खुलासा

पूरा विवाद तब सामने आया, जब एक प्रमुख अखबार ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए विधायक निधि के कथित दुरुपयोग को उजागर किया। गुप्त कैमरे में रिकॉर्ड बातचीत में विधायक निधि के खर्च को लेकर कमीशनखोरी के आरोप सामने आए।

इस स्टिंग में तीन विधायक शामिल बताए गए—

खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा
हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव
बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत

स्टिंग पर डांगा का पक्ष

स्टिंग वीडियो वायरल होने के बाद विधायक रेवंतराम डांगा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया था। उन्होंने इसे निराधार, गलत और तथ्यहीन बताया।

डांगा के अनुसार, संबंधित व्यक्ति पहले भी कई बार उनके पास आ चुका था और स्वीकृति पत्र को लेकर बातचीत कर रहा था।

“वह बार-बार मेरे पास आया। उस दिन भी वह मुझे पैसे देने की कोशिश कर रहा था और कह रहा था कि कुछ गिफ्ट ले लीजिए। मैंने साफ कहा कि हमें न गिफ्ट चाहिए, न पैसा और न ही इस तरह की स्वीकृति दी जाती है।”

अब बढ़ेगी सियासी गर्मी?

बीजेपी की अनुशासन समिति की कार्रवाई के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है। एक तरफ पार्टी स्तर पर जवाब तलब किया गया है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा की सदाचार समिति की रिपोर्ट का इंतजार है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा और चुनावी राजनीति दोनों में बड़ा मुद्दा बन सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि रेवंतराम डांगा अपने जवाब में क्या सफाई देते हैं और पार्टी आगे क्या रुख अपनाती है।

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