क्या इजरायल से लौटते वक्त PM मोदी के साथ आएगा ऐसा टेक और डिफेंस पैकेज, जो भारत की दिशा बदल दे?

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PM Modi Israel visit

PM Modi Israel visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इजरायल दौरा समाप्त हो गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर यह पीएम मोदी का 9 साल में दूसरा इजरायल दौरा है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों में एक बहुत अहम पड़ाव है। यह पिछले 10 सालों में हुई तरक्की को दिखाता है और (PM Modi Israel visit)अहम साझेदारी के अगले दौर का मंच तैयार करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच विज्ञान, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के अलावा तमाम अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि मध्य-पूर्व में तनाव समेत इलाके के अन्य मुद्दों पर डिटेल में जाए बिना दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।पीएम मोदी अपनी बात रखी और कहा कि भारत बातचीत को अहमियत और सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण हल पर यकीन रखता है। पीएम ने यह भी दोहराया कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत शांतिपूर्ण हल तलाशने में मदद करने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू के बीच इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर भी बातचीत हुई।

भारत में इजरायल खुलेगा 43 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

कृषि क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच इंडस्ट्रियल इनोवेशन फंड और भारत-इजरायल जॉइंट रिसर्च कॉल्स को और मजबूत और आसान बनाने पर सहमति बनी है। दोनों देश अब जॉइंट रिसर्च कॉल्स के लिए 1.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग करेंगे। इससे भारतीय और इजरायली विश्वविद्यालयों के बीच साझा रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। दोनों देश रिसर्च, पॉलिसी और शिक्षा में सहयोग बढ़ाएंगे। इसके लिए भारत-इजरायल एकेडमिक कोऑपरेशन फोरम बनाने पर सहमति बनी है।

दोनों देशों ने एक समझौता किया है। इसके तहत इजरायल की सहायता से भारत में कृषि क्षेत्र में 43 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। इसके अलावा भारत में जॉइंट इंडिया-इजरायल इनोवेशन सेंटर बनाने और वोल्केनी एग्रीकल्चर रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में भारतीय रिसर्चर्स के एग्रीकल्चरल रिसर्च के लिए एक जॉइंट फेलोशिप शुरू करने के लिए एक एमओयू भी साइन किया गया है।

इजरायल में भी काम करेगा यूपीआई

भारत के यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई को इजरायल के MASHAV से जोड़ा जाएगा। दोनों के बीच एक एमओयू भी हुआ है। इससे भारत और इजरायल के बीच पर्यटन समेत अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। अगले पांच साल में इजरायल 50 हजार से अधिक भारतीय कामगारों को बुलाएगा। अभी इजरायल में करीब 42 हजार भारतीय कामगार हैं। इजरायल भारतीय वर्करों की सुरक्षित आवाजाही को आसान भी बनाएगा।

 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि नतीजों के लिहाज से यह दौरा बहुत अच्छा रहा है। दोनों देशों ने कई सेक्टर में आपसी सहयोग को और गहरा किया है। ट्रेड डील पर उन्होंने कहा कि सितंबर 2024 में दोनों देशों ने एक बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट एग्रीमेंट पर साइन किए थे। आज इजरायल की एक नेगोशिएटिंग टीम दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करने के लिए पहले दौर की बातचीत के लिए भारत में है। दोनों पक्षों ने बाइलेटरल फाइनेंशियल डायलॉग शुरू करने का भी फैसला किया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

विदेश सचिव ने बताया कि फ्रंटियर टेक्नोलॉजी खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलग-अलग सेक्टर में इसके इस्तेमाल के क्षेत्रों में अपने सहयोग को गहरा करने के लिए दोनों पक्षों के बीच एक बड़ी और बुनियादी समझ बनी है। साइबर सिक्योरिटी और होराइजन स्कैनिंग मैकेनिज्म में सहयोग पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं की मौजूदगी में एक्सचेंज किए गए इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से इसे फाइनल किया गया।ॉ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी के पूरे स्पेक्ट्रम पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च, जरूरी और उभरती टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, पानी, डिफेंस और सिक्योरिटी, ट्रेड और इकोनॉमी समेत कई सेक्टर में रिश्तों को और मजबूत बनाने पर सहमति नबी है।

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