बजट सत्र के बीच राहुल गांधी का सवाल, आखिर क्यों रोकी जा रही मेरी आवाज? संसद गरमाई

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Budget Session
Budget Session: नई दिल्ली। लोकसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को उस वक्त जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया, जब विपक्ष ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरण (मेमोयर) का मुद्दा उठा दिया। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जनरल नरवणे के मेमोयर का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर (Budget Session)सवाल खड़े किए और कुछ दस्तावेजों को प्रमाणित (ऑथेंटिकेट) करते हुए सरकार से जवाब मांगा।

राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने कहा, “यह सिर्फ एक किताब का मामला नहीं है। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, खासतौर पर चीन और पाकिस्तान जैसे संवेदनशील मुद्दों से। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है।

राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन को गुमराह कर रहा है और गैर-जरूरी मुद्दों पर बहस कर संसद का समय बर्बाद किया जा रहा है। रिजिजू ने स्पीकर के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

‘यार’ शब्द पर चेयर की सख्त फटकार

हंगामे के बीच सदन की गरिमा उस समय चर्चा में आ गई, जब किसी सदस्य ने पीठासीन अधिकारी को संबोधित करते हुए ‘यार’ शब्द का प्रयोग कर दिया। उस वक्त आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “यह संसद है, यहां शब्दों की मर्यादा होती है। अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें।” पूर्व सेना प्रमुख के मेमोयर को लेकर उठा विवाद अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बहस का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर सियासी तापमान और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

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