बार-बार ड्रोन भेजकर उकसावे की कोशिश, पाकिस्तान को भारत का साफ संदेश…अब बर्दाश्त नहीं

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Pakistan ceasefire violation

Pakistan ceasefire violation: जम्मू-कश्मीर। भारत-पाक सीमा पर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। जम्मू सेक्टर में ड्रोन देखे जाने की दो नई घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार शाम पुंछ जिले की लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और सांबा जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि दर्ज की गई, जिसके बाद भारतीय सेना ने तुरंत काउंटर-यूएएस कार्रवाई शुरू कर दी।

पुंछ और सांबा में ड्रोन की हलचल

सेना के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुंछ जिले के दिगवार सेक्टर में एक ड्रोन कई मिनट तक भारतीय क्षेत्र के ऊपर मंडराता रहा। इसके कुछ देर बाद सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी ड्रोन जैसी गतिविधि देखी गई। इसके बाद रामगढ़ सेक्टर में एक और संदिग्ध ड्रोन की मौजूदगी सामने आई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जवानों ने ड्रोन की दिशा में जवाबी गोलीबारी की। फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

एक हफ्ते में तीसरी बार ड्रोन घुसपैठ

गौर करने वाली बात यह है कि बीते एक हफ्ते में ड्रोन देखे जाने की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही इन घटनाओं को सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देख रही हैं, जिससे सीमा पर शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।

सेना प्रमुख का सख्त संदेश

भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में ड्रोन गतिविधियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि नियंत्रण रेखा पर ड्रोन की मौजूदगी कतई स्वीकार्य नहीं है।

सेना की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया था कि इस मुद्दे को पाकिस्तान के साथ DGMO स्तर की बातचीत में भी उठाया गया है। भारत ने पाकिस्तान से साफ कहा है कि वह अपने ड्रोन पर लगाम लगाए, वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे।

सेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पर सभी चुनौतियों से निपटने के लिए ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह सक्रिय है। भारतीय सेना हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। लगातार बढ़ती ड्रोन गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में सीमा पर चौकसी और भी बढ़ाई जा सकती है।

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