Political Controversy: पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका का साथ देने का पाकिस्तान का फैसला एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक गलती थी। उन्होंने संसद में कहा कि अमेरिका ने अपने मतलब के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल करने के बाद उसे टॉयलेट पेपर जितनी भी अहमियत दिए बिना फेंक दिया। 1999 के बाद, खासकर 2001 के 11 सितंबर के हमलों के बाद, अमेरिका के साथ गठबंधन करने से पाकिस्तान को ऐसा नुकसान हुआ जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। इस फैसले का असर देश दशकों बाद भी झेल रहा है। (Political Controversy) अफगान युद्ध में पाकिस्तान किसी धार्मिक कर्तव्य की वजह से शामिल नहीं हुआ था। बल्कि, अमेरिका के भू-राजनीतिक हितों के लिए जिहाद के नाम पर पाकिस्तानियों को लड़ने के लिए मजबूर किया गया था।
इन युद्धों को सही ठहराने के लिए पाकिस्तान की शिक्षा प्रणाली में भी बदलाव किए गए। उन्होंने बताया कि वे वैचारिक बदलाव आज भी देश में मौजूद हैं। जो युद्ध हमारे नहीं थे, उनमें शामिल होने से पाकिस्तान में हिंसा, आतंकवाद और आर्थिक तबाही हुई। ख्वाजा आसिफ ने यह भी माना कि इससे जो सामाजिक असर पड़ा है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।































































