Jammu Kashmir News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले घाटी में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता अचानक तेज हो गई है. आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना और पुलिस ने मिलकर ‘ऑपरेशन ऑलआउट’ को पूरी ताकत से लागू कर दिया है.
बीते 24 घंटों में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद (Jammu Kashmir News) के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई कर यह साफ संकेत दे दिया है कि घाटी में अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी.
किश्तवाड़ में टॉप कमांडर घिरा
भारतीय सेना ने उधमपुर जिले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया है. वहीं किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में घने जंगलों के बीच जैश का टॉप कमांडर सैफुल्ला 2-3 आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों के घेरे में फंसा हुआ है.
सूत्रों के मुताबिक, अब तक हुई गोलीबारी में एक आतंकी के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि जंगलों में रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की सख्त घेराबंदी कर दी है ताकि कोई भी आतंकी भाग न सके.
कौन है सैफुल्ला?
जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर सैफुल्ला इस क्षेत्र में कई टारगेट किलिंग और आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता है. स्थानीय लोगों में उसके नाम से लंबे समय से डर का माहौल था. सुरक्षाबलों के इस एक्शन को आम नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी कामयाबी माना जा रहा है.
5 से 7 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर में रहेंगे अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह 5 फरवरी की शाम जम्मू पहुंचेंगे और 7 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे राजनीतिक प्रतिनिधियों, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ कई अहम बैठकें करेंगे.
शाह जम्मू में लोक भवन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. इसके बाद वे कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) का दौरा कर जमीनी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करेंगे.
जम्मू में हाईलेवल सुरक्षा बैठक
दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक हाईलेवल मीटिंग भी होगी, जिसमें उपराज्यपाल, सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. बैठक में आतंकवाद, घुसपैठ और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
श्रीनगर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
अपने दौरे के अंतिम दिन अमित शाह श्रीनगर जाएंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद वे छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे.
घाटी में चल रही सैन्य कार्रवाई और गृह मंत्री का दौरा यह साफ करता है कि केंद्र सरकार सुरक्षा और विकास—दोनों मोर्चों पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है.





























































