Cyber Crime: जुयपुर। आज के दौर में मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, UPI, ई-मेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों तक पहुंच रखने वाला डिजिटल माध्यम है। ऐसे में मोबाइल गुम या चोरी होने पर केवल फोन ढूंढना ही काफी नहीं है। (Cyber Crime)उससे जुड़े डिजिटल खातों और वित्तीय जानकारी को तत्काल सुरक्षित करना भी बेहद जरूरी है।
फोन गुम होते ही सबसे पहले करें रिमोट लॉक
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि मोबाइल गुम होते ही किसी दूसरे सुरक्षित मोबाइल या कंप्यूटर से Android के Find My Device अथवा iPhone के Find My फीचर की मदद से फोन को तुरंत रिमोट लॉक करें।
बैंकिंग और UPI को तत्काल करें सुरक्षित
फोन खोने के बाद बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के जरिए मोबाइल बैंकिंग, UPI और डिजिटल वॉलेट को अस्थायी रूप से ब्लॉक या सुरक्षित करवाएं। साथ ही बैंक खाते में होने वाले लेन-देन पर नजर रखें। कोई संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखाई देने पर तत्काल बैंक को सूचना दें।
SIM बंद कराकर लें डुप्लीकेट SIM
मोबाइल में लगा SIM कार्ड OTP और अकाउंट रिकवरी के लिए इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर गुम SIM को तुरंत ब्लॉक करवाएं और उसी नंबर का रिप्लेसमेंट SIM प्राप्त करें।
सभी जरूरी पासवर्ड बदलें
किसी सुरक्षित डिवाइस से Gmail, ई-मेल, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड बदलें। रिकवरी ई-मेल और मोबाइल नंबर की भी जांच करें। Login Devices में जाकर पुराने या अनजान डिवाइस से लॉगआउट करें और महत्वपूर्ण खातों में Two-Factor Authentication (2FA) जरूर सक्रिय रखें।
पुलिस शिकायत और IMEI ब्लॉक कराना जरूरी
मोबाइल गुम या चोरी होने पर नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं और IMEI नंबर सुरक्षित रखें। पुलिस शिकायत के बाद Central Equipment Identity Register (CEIR) के जरिए मोबाइल का IMEI ब्लॉक करवाया जा सकता है, जिससे चोरी या गुम हुए मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत
यदि मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद साइबर ठगी हो जाती है या ठगी का प्रयास किया जाता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क के 9256001930 और 9257510100 नंबरों पर भी सूचना दी जा सकती है।
याद रखें: मोबाइल खोना सिर्फ एक डिवाइस खोना नहीं है। उसके साथ जुड़े बैंकिंग, UPI, SIM और ऑनलाइन खातों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
