Rajasthan Politics : मनरेगा का नाम बदलने और इसके फंडिंग पैटर्न में प्रस्तावित बदलाव को लेकर जयपुर में सियासी घमासान तेज हो गया है। सोमवार को कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीबों के हक पर सीधा वार बताते हुए देशव्यापी (Rajasthan Politics)आंदोलन की चेतावनी दी।
“यह सिर्फ नाम बदलने की लड़ाई नहीं, गरीबों के हक की लड़ाई है”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून की मूल भावना को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब योजना में केंद्र सिर्फ 60 प्रतिशत खर्च उठाएगा, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्यों को देनी होगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीब राज्यों के लिए लाई गई थी, जहां पलायन सबसे बड़ी समस्या थी। इस योजना से मजदूरों को गांव में काम मिला और पलायन रुका। लेकिन अब नई व्यवस्था में रबी सीजन के दौरान 60 दिनों तक काम नहीं मिलेगा, जिससे गरीबों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।
“किसानों की तरह मनरेगा बदलाव भी वापस करवाएंगे”
रंजीता रंजन ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रखेगी। जिस तरह किसानों के काले कानून वापस लेने पड़े थे, उसी तरह मनरेगा में किए जा रहे बदलाव भी सरकार को वापस लेने होंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई संसद से लेकर सड़क और गांव-ढाणी तक लड़ी जाएगी।
टीकाराम जूली का हमला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मनरेगा का नाम बदलने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यों पर खर्च का बोझ डालकर गरीबों का अधिकार छीना जा रहा है। जूली ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकारें विकास कार्यों और कर्ज के ब्याज से जूझ रही हैं, दूसरी तरफ केंद्र अतिरिक्त जिम्मेदारी थोप रहा है।
जूली ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा, “जब गांधी जी को गोली लगी, उनके अंतिम शब्द ‘हे राम’ थे। आप योजना का नाम बदलकर क्या साबित करना चाहते हैं? भगवान राम तभी खुश होते हैं जब मजदूर को काम मिले और गरीब सम्मान से जिए।”
“मनरेगा कमजोर हुई तो मजदूर फिर पलायन करेगा”
टीकाराम जूली ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो मजदूर दोबारा बंधुआ मजदूरी और पलायन की ओर धकेले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर गांव, हर ढाणी तक जाकर लोगों को इस बदलाव के नुकसान बताएगी और सरकार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करेगी।
खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेगी….
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेशनल हेराल्ड मामले पर बोलते हुए सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को डराने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि सच्चाई कांग्रेस के साथ है। उन्होंने कहा, “हमें पहले भी एहसास था और अब भी है कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेगी। आप कहीं भी जाएं, सच को परेशान नहीं किया जा सकता। हम ना पहले डरे थे, ना अब डरेंगे।” कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि चाहे कितनी भी जांचें हों, पार्टी गरीबों, मजदूरों और लोकतंत्र की लड़ाई लड़ती रहेगी।































































