शपथ से पहले ही चेतावनी, सरकार के बाद हिंसा, मणिपुर में आगे क्या होने वाला है

15
Northeast India violence

Northeast India violence: मणिपुर में शांति की उम्मीद अभी पूरी तरह जगी भी नहीं थी कि एक बार फिर हिंसा की आग भड़क उठी। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार के गठन को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे, लेकिन चुराचंदपुर में हालात फिर से बेकाबू हो गए। डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। (Northeast India violence)हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

सरकार बनते ही सड़क पर उतरा विरोध

मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय हिंसा के चलते बीते साल केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन लागू किया था। हाल ही में युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार बनी और जैसे ही सत्ता संभाली गई, विरोध की चिंगारी फिर से भड़क उठी। चुराचंदपुर में कुकी समूहों ने सड़कों पर उतरकर नई सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कुकी संगठनों ने अपने समुदाय के विधायकों को चेतावनी दी कि वे मणिपुर सरकार के गठन में भाग न लें। इसी के तहत चुराचंदपुर में पूर्ण बंद बुलाया गया। हालात इतने बिगड़े कि कई इलाकों में गोलीबारी की भी खबरें सामने आईं। Joint Front 7 ने कुकी-जो बहुल इलाकों में 12 घंटे के बंद का ऐलान कर तनाव और बढ़ा दिया।

डिप्टी सीएम बनने से भड़की नाराजगी

हिंसा की जड़ में डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन की नियुक्ति को माना जा रहा है। कुकी-जो समुदाय के एक विधायक के डिप्टी सीएम बनने और दो विधायकों के समर्थन से समुदाय के भीतर असंतोष फैल गया। चुराचंदपुर जिले के तुइबोंग इलाके में विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

सुरक्षा बल अलर्ट, हालात अब भी नाजुक

दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। हालात और न बिगड़ें, इसके लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मणिपुर में शांति की राह अब भी बेहद कठिन नजर आ रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here