मतदान में जनता का जोश! केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड वोटिंग, 4 मई को फैसला

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Kerala Assam voting

Kerala Assam voting: केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान का दौर समाप्त हो चुका है. इन तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में मतदान प्रतिशत में एक नई ऊँचाई देखी गई है. असम में जहाँ मतदान प्रतिशत 85.38% रहा, वहीं केरल में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% वोट डाले गए. हालांकि, अभी अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स से यह साफ (Kerala Assam voting)है कि इस बार 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में वोटिंग का उत्साह कहीं ज्यादा था.

चुनाव ऐतिहासिक साबित हो

असम के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक साबित हो सकते हैं. इस बार 85.38% मतदान हुआ है, जो पिछले विधानसभा चुनावों के 82.04% से कहीं अधिक है. खासतौर पर दलगांव ने इस बार सबसे ज्यादा 94.57% मतदान किया, जबकि अमरी क्षेत्र में सबसे कम 70.40% वोट पड़े. इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, और 4 मई को इनकी किस्मत का फैसला होगा.

वहीं, केरल में भी इस बार मतदान की संख्या में इजाफा हुआ है. यहां 78.03% मतदान हुआ है, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 74.06% था. लेकिन इन दोनों राज्यों से ज्यादा वोटिंग पुडुचेरी में देखने को मिली है, जहां 89.83% मतदान हुआ. सुबह सात बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, मतदाताओं का जोश और उत्साह देखा गया. खासकर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या ने मतदान में भाग लिया.

 रोबोट ने किया मतदाताओं का स्वागत 

पुडुचेरी में चुनाव आयोग ने एक अनूठी पहल की थी. यहां एक पोलिंग स्टेशन पर रोबोट को तैनात किया गया, जो मतदाताओं का फूलों से स्वागत करता नजर आया. यह एक दिलचस्प और तकनीकी दृष्टि से बहुत ही प्रभावशाली कदम था, जो मतदाताओं को और अधिक प्रोत्साहित करने का काम करता है.

चुनावों में कुल 1899 उम्मीदवारों

इन चुनावों में कुल 1899 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई है. असम में 722, केरल में 863 और पुडुचेरी में 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. असम में बहुमत का आंकड़ा 64 है और राज्य में बीजेपी की सरकार पिछले दस साल से काबिज है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं, जबकि विपक्षी नेता गौरव गोगोई अपनी पार्टी कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं.

केरल में भी मुकाबला दिलचस्प है, जहां एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, और बीजेपी भी अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है. केरल में बहुमत का आंकड़ा 71 है.

पुडुचेरी में चुनावी परिदृश्य और भी रोचक है. यहां कुल 9.44 लाख मतदाता थे, जिनमें से 89.83% ने मतदान किया. यहां के 294 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला अब ईवीएम में बंद हो चुका है. पिछले चुनाव में NDA को 44.2% वोट मिले थे, जबकि यूपीए को केवल 8 सीटें हासिल हुई थीं.

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