Gulmarg News: भारत का जन्नत कहे जाने वाला जम्मू-कश्मीर अब एक और ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बना है। गुलमर्ग में दुनिया का सबसे ऊंचा घूमने वाला (रिवॉल्विंग) रेस्तरां पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह अनोखा रेस्तरां अफरावत पर्वत पर लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों का 360 डिग्री पैनोरमिक दृश्य देखा जा सकता है।
यह रेस्तरां न सिर्फ वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है,(Gulmarg News) बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान का भी प्रतीक बनकर उभरा है।
गुलमर्ग के नाम पहले से दर्ज हैं कई विश्व रिकॉर्ड
गुलमर्ग पहले ही कई वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए जाना जाता है। यहां एशिया का सबसे ऊंचा गोंडोला (केबल कार प्रोजेक्ट), दुनिया का सबसे ऊंचा स्की पॉइंट और सबसे बड़ा इग्लू कैफे मौजूद है।
अब इस नए रिवॉल्विंग रेस्तरां ने गुलमर्ग को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और भी मजबूती से स्थापित कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने किया कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुलमर्ग में कई अहम विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें यह रिवॉल्विंग रेस्तरां, एक मल्टी-पर्पस हॉल और रिवॉल्विंग कॉन्फ्रेंस हॉल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य गुलमर्ग में पर्यटन सुविधाओं को हाइटेक बनाना, पर्यटकों की संख्या बढ़ाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
रिवॉल्विंग रेस्तरां में हाइटेक तकनीक
इस रेस्तरां में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका फर्श धीरे-धीरे घूमता है, जिससे पर्यटक बैठे-बैठे चारों ओर फैले खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकते हैं।
कांच से बने पैनोरमिक व्यू पॉइंट से 360 डिग्री का दृश्य दिखाई देता है। बर्फीले मौसम में बैठकर गर्म कॉफी और पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन का स्वाद लेना सैलानियों के लिए किसी सपने से कम नहीं होगा।
पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
गुलमर्ग का गोंडोला पहले ही दुनिया के सबसे ऊंचे और एशिया के सबसे लंबे रोप-वे के रूप में प्रसिद्ध है। इसके अंतिम स्टेशन अफरावत टॉप पर सालभर स्कीइंग गतिविधियां होती हैं।
अब इस नए रिवॉल्विंग रेस्तरां और इग्लू कैफे के साथ प्रशासन को उम्मीद है कि घाटी में पर्यटन गतिविधियों को नई जान मिलेगी।
पहलगाम हमले के बाद घटे थे पर्यटक
हाल ही में पहलगाम इलाके में हुए आतंकवादी हमले के बाद पर्यटकों की संख्या में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि सरकार को उम्मीद है कि इन नई पर्यटन पहलों के जरिए एक बार फिर देश-विदेश से सैलानी कश्मीर की खूबसूरती का दीदार करने लौटेंगे।































































