Rajasthan Congress: जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों की आहट के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने संगठन को नई दिशा देने की कवायद तेज कर दी है। इस बार कांग्रेस केवल परंपरागत रैलियों और सभाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि डेटा, मॉनिटरिंग और जवाबदेही के मॉडल पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। इसी रणनीति के तहत जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस वॉररूम में ‘कनेक्ट सेंटर’ को सक्रिय किया गया है, (Rajasthan Congress) जिसे संगठन की डिजिटल रीढ़ माना जा रहा है।
कौन संभालेगा कमान?
प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर इस सेंटर के संचालन के लिए एक सशक्त टीम गठित की गई है। प्रदेश महासचिव जसवंत गुर्जर को चेयरमैन बनाया गया है। उनके साथ राजेंद्र यादव और पुष्पेन्द्र मीणा को को-चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा 10 पदाधिकारियों को अलग-अलग जिलों की निगरानी सौंपी गई है, जो सीधे तौर पर जमीनी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
क्या करेगा ‘कनेक्ट सेंटर’?
मंडल और ब्लॉक स्तर की गतिविधियों की ट्रैकिंगजिला, ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों के काम का मूल्यांकनअनिवार्य त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार करना’कांग्रेस कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म के जरिए कार्य आवंटन और समीक्षाकार्यकर्ताओं को तकनीकी प्रशिक्षण और सपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, इस व्यवस्था के जरिए निष्क्रिय पदाधिकारियों की पहचान करना आसान होगा और संगठन में जवाबदेही तय की जा सकेगी।
डेटा बनाम परंपरागत राजनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि कांग्रेस अब चुनावी राजनीति में टेक्नोलॉजी और डेटा-आधारित मॉनिटरिंग को गंभीरता से अपना रही है। मंडल स्तर तक डिजिटल मॉनिटरिंग से पार्टी बूथ मैनेजमेंट और स्थानीय मुद्दों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की स्थिति में होगी। आगामी चुनावों से पहले यह पहल कांग्रेस के लिए संगठनात्मक पुनर्गठन का संकेत भी मानी जा रही है। अब देखना होगा कि यह डिजिटल दांव जमीनी स्तर पर कितना असर दिखा पाता है।




























































