RSS की पाठशाला वाला तंज क्यों बना चर्चा का केंद्र, राजस्थान में सियासी पारा अचानक क्यों चढ़ा?

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Govind Singh Dotasara

Govind Singh Dotasara : राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर भाषा और मर्यादा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंत्री सुमित गोदारा के बयान पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने मंत्री की ( Govind Singh Dotasara) टिप्पणी को न सिर्फ असंवेदनशील बताया, बल्कि इसे सत्ता के अहंकार से जोड़कर देखा।

 भाषा से झलकते हैं संस्कार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार के मंत्री जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उनकी सोच और संस्कारों को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी RSS की पाठशाला में सिखाई जाती है।

डोटासरा ने सवाल उठाया कि किसी नेता को किसी दूसरे व्यक्ति के निजी जीवन पर टिप्पणी करने का अधिकार आखिर किसने दिया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के पास विकास का कोई ठोस विजन नहीं होता, तब नेता अनर्गल बयानबाजी का सहारा लेते हैं।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के पास न तो युवाओं के लिए रोजगार की योजना है और न ही प्रदेश के विकास का रोडमैप। इसी वजह से मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए निजी टिप्पणियां की जा रही हैं।

“ओछा बोलोगे तो ओछा सुनोगे”

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी मंत्री सुमित गोदारा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले मंत्रियों को शर्म आनी चाहिए।

खाचरियावास ने कहा, “हर नेता और हर मंत्री को अपनी मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए। जो लोग फालतू की बातें करते हैं, उन्हें पहले खुद के बारे में सोचना चाहिए।”

बीजेपी को नसीहत देते हुए खाचरियावास ने दो टूक शब्दों में कहा, “ओछा बोलोगे तो ओछा सुनोगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस ऐसी बयानबाजी को चुपचाप सहने वाली नहीं है।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की अवीवा बेग से सगाई को लेकर मंत्री सुमित गोदारा से जयपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान सवाल पूछा गया था।

इस पर मंत्री गोदारा ने कहा था, “सगाई हो रही है, अच्छी बात है। शादी भी हो। हम तो यह कहेंगे कि राहुल गांधी की भी सगाई हो, वह भी शादी करें। शादी के बाद वह सही रास्ते पर चलेंगे, अभी सही नहीं चल रहे हैं।”

निजी टिप्पणी बनी सियासी मुद्दा

मंत्री के इस बयान को कांग्रेस नेताओं ने निजी जीवन में दखल और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे बयान लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और राजनीति के स्तर को गिराते हैं।

अब सवाल यह है कि क्या बीजेपी अपने मंत्री के बयान पर कोई सफाई देगी या यह विवाद आने वाले दिनों में और सियासी गर्मी बढ़ाएगा।

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