Budget 2026: देश का बजट 2026 पेश होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। हर साल की तरह इस बार भी आम जनता से लेकर उद्योग जगत तक की नजरें सरकार के बजट प्रस्तावों पर टिकी हुई हैं। बजट आते ही सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि सरकार के पास इतना पैसा आखिर आता (Budget 2026)कहां से है और वह इसे किन-किन क्षेत्रों में खर्च करती है।
सिर्फ टैक्स नहीं, कई स्रोतों से होती है सरकार की कमाई
अक्सर माना जाता है कि सरकार की आय सिर्फ टैक्स से होती है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। सरकार की कुल आमदनी टैक्स, कर्ज, नॉन-टैक्स रेवेन्यू और कैपिटल रिसीट्स जैसे कई स्रोतों से मिलकर बनती है। इसमें आयकर, जीएसटी, कॉरपोरेट टैक्स के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों की बिक्री और लाभांश भी शामिल होते हैं।
टैक्स क्यों है सरकार की आय की रीढ़
सरकारी आय में टैक्स को सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता है। डायरेक्ट टैक्स सीधे लोगों और कंपनियों की कमाई पर लगाया जाता है, जबकि इनडायरेक्ट टैक्स वस्तुओं और सेवाओं पर वसूला जाता है। जीएसटी और उत्पाद शुल्क इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जो रोजमर्रा की खपत से सरकार की तिजोरी तक पहुंचते हैं।
नॉन-टैक्स रेवेन्यू और कर्ज का सहारा
टैक्स के अलावा सरकार को नॉन-टैक्स रेवेन्यू से भी अच्छी-खासी आमदनी होती है। इसमें सरकारी सेवाओं की फीस, लाइसेंस शुल्क, जुर्माने और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से मिलने वाला लाभांश शामिल है। जब इन सबके बावजूद खर्च ज्यादा हो जाता है, तो सरकार बॉन्ड जारी कर या कर्ज लेकर पूंजी जुटाती है।
सरकार कहां खर्च करती है जनता का पैसा
सरकार के हर एक रुपये का खर्च कई हिस्सों में बंटा होता है। सबसे बड़ा हिस्सा राज्यों को ट्रांसफर किया जाता है, ताकि वे अपने विकास कार्य पूरे कर सकें। इसके अलावा पुराने कर्ज का ब्याज, केंद्र और केंद्र-प्रायोजित योजनाएं, रक्षा बजट, सब्सिडी, पेंशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर बड़ा खर्च होता है।
बजट क्यों है आम आदमी से जुड़ा मुद्दा
सरकार की यह पूरी वित्तीय संरचना दिखाती है कि बजट सिर्फ टैक्स बढ़ाने या नई योजनाएं घोषित करने तक सीमित नहीं होता। इसमें आय के कई स्रोत और खर्च की प्राथमिकताएं शामिल होती हैं, जो सीधे देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि Budget 2026 को लेकर हर वर्ग की उम्मीदें इस बार भी काफी ऊंची हैं।


































































