किसानों से लेकर युवाओं तक बड़ी सौगात! भजनलाल कैबिनेट ने मंजूर की नई नीतियां, जानें क्या बदलेगा

Bhajanlal Cabinet: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, रोजगार, उद्योग, ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 और राजस्थान फूड (Bhajanlal Cabinet)पार्क विकास नीति-2026 को मंजूरी देकर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश व रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया है।

कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगा बढ़ावा

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि नई नीति के तहत फल-सब्जी, मसाले, अनाज, तिलहन, दलहन, शहद, दुग्ध, पशु आहार और औषधीय उत्पादों से जुड़ी प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। श्रीअन्न यानी मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी भी बनाई जाएगी।

उद्यमियों को ऋण के आधार पर अधिकतम 1.50 करोड़ रुपये तक पूंजीगत अनुदान मिलेगा। एफपीओ, महिला उद्यमियों और एससी-एसटी वर्ग के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है।

हर जिले में फूड पार्क की तैयारी

राजस्थान फूड पार्क विकास नीति के तहत प्रत्येक जिले में चरणबद्ध तरीके से क्लस्टर आधारित फूड पार्क विकसित किए जाएंगे। इनमें भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन और बाजार से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को बेहतर बाजार मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।

औद्योगिक विवादों का ऑनलाइन समाधान

कैबिनेट ने राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम-2026 को भी मंजूरी दी है। अब श्रम अनुपालन और विवाद संबंधी शिकायतों को ऑनलाइन किया जाएगा। औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए समय-सीमा तय होगी और यूनियनों के निष्पक्ष चुनाव के लिए गुप्त मतदान अनिवार्य किया जाएगा।

ग्रीन राजस्थान और रोजगार पर भी बड़े फैसले

कैबिनेट ने ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र के बाहर हरित क्षेत्र बढ़ाना है। वहीं अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में 10 प्रतिशत भूमि वृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखने का फैसला किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 125 दिन की रोजगार गारंटी वाली नई रोजगार एवं आजीविका योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा जैसलमेर में सीमेंट परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन और कुल 922 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है।

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