Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जांच एजेंसियों की टाइमिंग को लेकर बहस तेज हो गई है।भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी का ऐलान करने वाले पूर्व मंत्रीमहेंद्रजीत सिंह मालवीया के तीन ठिकानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह छापेमारी की। ACB की यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब मालवीया ने महज 48 घंटे पहले भाजपा से किनारा कर कांग्रेस में लौटने की (Rajasthan Politics) इच्छा जताई थी।इस अचानक हुई कार्रवाई ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जयपुर से आई थी टीम
जयपुर से आई ACB टीम ने बांसवाड़ा जिले मेंकलिंजरा क्षेत्र के भैरवजी कृपा फिलिंग स्टेशन,बागीदौरा स्थित भैरवजी फिलिंग स्टेशनऔर मोटी टिम्बी के क्रशर प्लांट पर जांच की।दोनों पेट्रोल पंप महेंद्रजीत सिंह मालवीया के नाम पर दर्ज हैं,जबकि क्रशर प्लांट उनके बेटे प्रेम प्रताप सिंह के नाम बताया जा रहा है।
मैनेजर का एक घंटे इंतजार…
ACB की टीम सुबह करीब 9 बजे बागीदौरा स्थित पेट्रोल पंप पहुंची,लेकिन उस समय मैनेजर रामगोविंद मौजूद नहीं थे।टीम ने करीब एक घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद जमीन से जुड़े कागजात,लेन-देन का रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज खंगाले गए।दोपहर करीब 1 बजे टीम दोबारा पेट्रोल पंप लौटीऔर मैनेजर से विस्तार से पूछताछ की।पूछताछ में जमीन की मालिकी, पंप का संचालन,स्टाफ की जानकारी और वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल किए गए।
सूचना मिलते ही जयपुर से लौटे मालवीया
उधर, महेंद्रजीत सिंह मालवीया जयपुर रवाना हो चुके थे।लेकिन जैसे ही उन्हें ACB कार्रवाई की जानकारी मिली,वे पालोदा से ही वापस अपने आवास लौट आए। मालवीया ने कहा,“अगर मैं वापस नहीं आता तो कहा जाता कि मैं भाग गया।मुझसे कोई पूछताछ नहीं हुई। यह दबाव बनाने की कार्रवाई है।”
सियासत गरमाई
ACB की इस कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।सूत्रों का दावा है कि टीम सोमवार आधी रात को ही बांसवाड़ा पहुंच गई थीऔर मालवीया के आवास के आसपास रुकी हुई थी,हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस इसे साफ तौर पर राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रही है।
डोटासरा का आरोप-
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा किमहेंद्रजीत सिंह मालवीया को जयपुर में आईजी स्तर सेमुख्यमंत्री से बात करने का संदेश दिया गया था।डोटासरा का आरोप है,“जब सीएम से बात नहीं हुई,तो इस तरह की कार्रवाई करवाई गई।यह लोकतंत्र की सबसे शर्मनाक तस्वीर है।”
पार्टी बदलते ही बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि मालवीया ने 19 फरवरी 2024 को कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। लोकसभा चुनाव हारने और पार्टी में कोई अहम भूमिका न मिलने के बाद उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस में वापसी का रास्ता चुना। अब ACB की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनती दिख रही है।





































































