ACB Raid Kota: झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। झालावाड़ जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता विष्णुचंद गोयल के खिलाफ की गई ताजा कार्रवाई ने विभागीय गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
ACB की टीम ने 9 जनवरी को रिश्वत के तौर पर आईफोन लेते हुए अभियंता गोयल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके कोटा और झालावाड़ स्थित आवासों (ACB Raid Kota) पर छापेमारी शुरू की गई, जो फिलहाल जारी है।
घर से मिली नकदी, चांदी और प्रॉपर्टी के दस्तावेज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, झालावाड़ के शास्त्री नगर स्थित आवास की तलाशी के दौरान ACB टीम को 4.30 लाख रुपये नकद, करीब 7 किलो चांदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
इसके अलावा जयपुर में 5 प्लॉट और जोधपुर में एक प्लॉट से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। नकदी, जेवरात और संपत्तियों के कागजात मिलने के बाद अब मामला आय से अधिक संपत्ति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
बिल पास करने के बदले मांगा था आईफोन
ACB की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधीक्षण अभियंता विष्णुचंद गोयल ने एक ठेकेदार से बिल पास करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि रिश्वत के तौर पर नकद नहीं बल्कि आईफोन की मांग की गई।
परिवादी ठेकेदार ने 7 जनवरी को गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद ACB ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
रिपेयरिंग वर्क का बिल अटकाकर बनाया दबाव
शिकायत के मुताबिक, ठेकेदार ने हैंडपंप रिपेयरिंग, पाइपलाइन लीकेज सुधार समेत अन्य जरूरी कार्य पूरे कर दिए थे, लेकिन भुगतान का बिल जानबूझकर रोक दिया गया।
आरोप है कि बिल पास कराने की एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। ठेकेदार ने यह भी बताया कि काम में बार-बार आपत्तियां निकालकर मानसिक रूप से परेशान किया गया और ठेका निरस्त करने की धमकी भी दी गई।
भ्रष्टाचार बनाम भरोसा
जलदाय विभाग से जुड़ा यह मामला सिर्फ रिश्वत तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनता के भरोसे पर भी सवाल खड़े करता है। जिन अधिकारियों पर पानी जैसी बुनियादी सुविधा की जिम्मेदारी है, वही अगर भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाएं तो इसका सीधा असर जनता पर पड़ता है।
फिलहाल ACB की टीम आगे की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




































































