Brahma Kumaris Jaipur: जयपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर के अर्जुन नगर सेवा केंद्र, जयपुर द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। सुबह से ही क्षेत्र ‘ओम शांति’ और शिव नाम की गूंज से आध्यात्मिक माहौल में सराबोर रहा।
भावना दीदी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मुरली क्लास से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने राजयोग ध्यान के माध्यम से आत्मचिंतन और आत्म-जागरण का अनुभव किया। (Brahma Kumaris Jaipur) इसके बाद अर्जुन नगर सेंटर से प्रभात फेरी निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए महादेव भाई के घर त्रिवेणी नगर पहुंची। मार्ग में शिव संदेश के साथ शांति और सकारात्मकता का संदेश दिया गया। जयंती दीदी ने ने शिव अवतरण के वास्तविक अर्थ पर प्रकाश डालते हुए ईश्वर स्मरण की महत्ता बताई। पदमा दीदी ने कहा कि महाशिवरात्रि के इस विशेष अवसर पर किया गया यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्म-जागरण की निरंतर यात्रा की शुरुआत है। इस अवसर पर सुप्रिया दीदी, प्रकाश भाई सहित सहित कई ब्रह्माकुमारी एवं ब्रह्मा कुमार भाई बहने उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में समझाया महाशिवरात्रि का वास्तविक अर्थ
सेवा केंद्र द्वारा आयोजित आध्यात्मिक प्रदर्शनी में महाशिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व, सृष्टि चक्र (कालचक्र) और आत्म-परिवर्तन के संदेश को चित्रों और चार्ट्स के माध्यम से सरल भाषा में समझाया गया। वक्ताओं ने ईश्वर स्मरण और राजयोग ध्यान को जीवन में शांति, शक्ति और संतुलन का आधार बताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन को समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने की दिशा में सार्थक पहल बताया गया।
बरकत नगर में भी लगी आध्यात्मिक प्रदर्शनी
इसी क्रम में बरकत नगर क्षेत्र में भी विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बांके बिहारी मंदिर और पानी की टंकी के पास स्थित गणेश मंदिर परिसर में आयोजित हुआ, जहां स्थानीय नागरिकों को महाशिवरात्रि के वास्तविक आध्यात्मिक स्वरूप से परिचित कराया गया।
राजयोग ध्यान की विधि और उसके लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि नियमित ईश्वर स्मरण से जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
करतारपुरा में शिव ध्वज फहराया गया
करतारपुरा स्थित भगवान विहार में अनिता वर्गीज के निवास स्थान पर भी शिव ध्वज फहराने और सत्संग का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आध्यात्मिक संकल्प लेते हुए आत्म-परिवर्तन और समाज में सद्भाव बढ़ाने का संदेश दिया। महाशिवरात्रि के इस अवसर पर जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।


































































