मध्य पूर्व में युद्ध की उलटी गिनती? ईरान-इजरायल आमने-सामने, अमेरिका भी मैदान में

4
Iran US Tension
Iran US Tension: नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध की आहट से कांप रहा है। ईरान के हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और हालात अब ‘बद से बदतर’ की ओर बढ़ चुके हैं। एक तरफ अमेरिका के साथ ओमान में चल रही शांति वार्ता लगभग टूट चुकी है, तो दूसरी ओर इजरायल ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर सीधे हमले की चेतावनी दे दी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि (Iran US Tension) जंग अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीनी तैयारी का रूप ले चुकी है।

ईरान में अघोषित लॉकडाउन, सड़कों पर सेना

अमेरिका और इजरायल की आक्रामक रणनीति के बीच ईरान ने भी युद्ध की पूरी तैयारी शुरू कर दी है। देशभर में राष्ट्रव्यापी सुरक्षा घेरा लागू कर दिया गया है। राजधानी तेहरान से लेकर जाहेदान तक सड़कों पर IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) की यूनिट्स, सैन्य वाहन और चौकियां तैनात हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ये चौकियां विद्रोह, तख्तापलट और आंतरिक अशांति से निपटने के लिए बनाई गई थीं, जिन्हें अब युद्ध संकट टलने तक हटाया नहीं जाएगा। मस्जिदों और इस्लामी केंद्रों के आसपास भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं, जिससे साफ है कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने के मूड में है।

 “यह युद्ध का समय है”

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालात को निर्णायक मोड़ बताते हुए अमेरिका से खुली सैन्य सहायता मांगी है। उन्होंने बाइबल का हवाला देते हुए कहा, “शांति का भी समय होता है और युद्ध का भी। यह युद्ध का समय है।”

नेतन्याहू ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर अमेरिका पीछे हटता है, तो इजरायल अकेले ही ईरान पर हमला करने से नहीं हिचकेगा।

 फैसला ट्रंप के हाथ

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि ईरान को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही लेंगे। वैंस के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ एक रचनात्मक समझौते की पूरी कोशिश की थी, लेकिन तेहरान ने लचीलापन नहीं दिखाया।उन्होंने कहा, “अगर ईरान समझदारी दिखाता तो यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता था।”

 “तुम शुरुआत करो, हम खत्म करेंगे”

ओमान वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद ईरान ने अमेरिका को दरकिनार करते हुए सीधे इजरायल को युद्ध की चुनौती दी है। तेहरान के मशहूर पैलेस्टाइन स्क्वायर पर एक विशाल बैनर लगाया गया है, जिसमें ग्रेटर तेल अवीव (Gush Dan) क्षेत्र के संभावित मिसाइल लक्ष्यों का नक्शा दिखाया गया है।

बैनर पर हिब्रू भाषा में चेतावनी लिखी है—“मिसाइलों की बारिश के सामने यह इलाका बहुत छोटा है।” वहीं अमेरिका को संदेश देते हुए लिखा गया—“तुम शुरुआत करो, हम खत्म करेंगे।”

कतर में B-52 बॉम्बर, ईरान भड़का

तनाव के बीच अमेरिका ने कतर के अल उदीद एयर बेस पर आठ B-52 स्ट्रैटेजिक बॉम्बर तैनात किए हैं। पेंटागन ने इसे ‘क्षेत्रीय स्थिरता’ के लिए जरूरी बताया, लेकिन ईरान ने इसे सीधी सैन्य धमकी करार दिया है।

तेहरान का आरोप है कि अमेरिका इजरायल को मध्य पूर्व में सैन्य बढ़त दिलाने में खुलकर मदद कर रहा है, जबकि उसके परमाणु कार्यक्रम को बहाना बनाकर ईरान को दबाया जा रहा है।

 USS बनाम ईरानी नौसेना

ओमान वार्ता टूटने के बाद अमेरिकी वार्ताकार स्टीव व्हिटकॉफ और जेरेड कुशनर का प्रतिनिधिमंडल प्रतीकात्मक रूप से USS अब्राहम लिंकन पर सवार हुआ। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी ईरानी नौसेना के एक युद्धपोत पर चढ़े और ‘पूरी तैयारी’ का संदेश दिया।

मौजूदा हालात बताते हैं कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव अब बयानबाजी से निकलकर सैन्य शक्ति प्रदर्शन तक पहुंच चुका है। सवाल यही है—क्या यह सिर्फ दबाव की रणनीति है या मध्य पूर्व एक और विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here