Baljeet Yadav: जयपुर/बहरोड़। कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने वाले बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव अब खुद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। मंगलवार को ED ने MLA फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में (Baljeet Yadav) उन्हें हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है।
ACB की FIR से खुली मनी लॉन्ड्रिंग की परतें
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से दर्ज FIR के आधार पर आगे बढ़ा। ED की जयपुर जोनल यूनिट ने जांच में पाया कि सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की आपूर्ति के नाम पर MLA फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।
जांच में सामने आया कि अलवर जिले के 32 सरकारी स्कूलों में घटिया क्वालिटी की खेल सामग्री सप्लाई की गई, जिसे बाजार कीमत से ढाई गुना तक महंगे दामों पर खरीदा गया।
रिश्तेदारों और सहयोगियों की फर्मों से हुई सप्लाई
ED और ACB की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि खेल सामग्री की आपूर्ति पूर्व विधायक बलजीत यादव के करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों की फर्मों के जरिए कराई गई। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लि.
सूर्य इंटरप्राइजेज
राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज
शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज
ACB ने इन फर्मों के संचालकों के साथ-साथ शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया था।
3.72 करोड़ रुपये का घोटाला, पहले भी हुई थी रेड
पूरा मामला करीब 3 करोड़ 72 लाख रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है। इससे पहले ED ने पिछले साल बलजीत यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ जयपुर में 8, जबकि दौसा और अलवर में एक-एक ठिकाने पर छापेमारी की थी।
इन छापों के दौरान ED ने 31 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे, जिनसे मनी ट्रेल और फर्जी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी मिली।
भ्रष्टाचार विरोधी छवि से आरोपों तक
बलजीत यादव 2018 से 2023 तक बहरोड़ से विधायक रहे। उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीता था और उस समय कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। खास बात यह है कि वे खुद को भ्रष्टाचार विरोधी नेता के तौर पर पेश करते रहे हैं।
उन्होंने कभी काले कपड़े पहनकर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया था और यहां तक कि भ्रष्टाचार की जानकारी देने वालों को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की थी।
लेकिन अब जब उन्हीं पर करोड़ों रुपये के MLA फंड घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं, तो उनकी राजनीतिक छवि और नैतिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ED की आगे की जांच में इस मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।





























































