1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी जनगणना, लेकिन इस बार सवाल पहले से ज्यादा क्यों बढ़े?

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Census First Phase

Census First Phase: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। गृह मंत्रालय की ओर से पहले चरण यानी हाउसलिस्टिंग और आवास गणना के लिए 33 सवालों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक कर दी गई है। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर अलग-अलग राज्यों में तय 30 दिनों की अवधि में पूरी की जाएगी।

दिलचस्प बात यह है कि 2011 की जनगणना में पहले चरण में जहां 29 सवाल थे, वहीं इस बार कुछ नए सवाल जोड़कर और पुराने सवालों को विभाजित कर इनकी (Census First Phase)संख्या बढ़ाकर 33 कर दी गई है।

डिजिटल इंडिया की झलक

इस बार की जनगणना में सरकार ने डिजिटल सुविधाओं पर खास ध्यान दिया है। लोगों से यह पूछा जाएगा कि उनके घर में इंटरनेट की सुविधा है या नहीं, स्मार्टफोन है या साधारण मोबाइल, और किस तरह का फोन इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, पिछली बार शामिल बैंकिंग सुविधा से जुड़ा सवाल इस बार हटा दिया गया है, जिसे एक अहम बदलाव माना जा रहा है।

पहले चरण में आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा?

हाउसलिस्टिंग चरण में मकान, परिवार और सुविधाओं से जुड़े बुनियादी सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान की बनावट, छत-दीवार की सामग्री, शौचालय, रसोई, ईंधन, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और यहां तक कि परिवार में मुख्य रूप से खाए जाने वाले अनाज तक की जानकारी शामिल है।

जनगणना 2027 के पहले चरण के 33 सवाल

  • मकान का जनगणना/नगर निगम/पंचायत नंबर
  • मकान के फर्श, दीवार और छत की सामग्री
  • मकान का उपयोग और उसकी स्थिति
  • परिवार के सदस्यों की संख्या
  • परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग
  • घर में कमरों और विवाहित जोड़ों की संख्या
  • पीने के पानी का स्रोत और उपलब्धता
  • रोशनी का साधन
  • शौचालय और नहाने की सुविधा
  • रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
  • खाना पकाने का मुख्य ईंधन
  • रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता
  • मोबाइल/स्मार्टफोन और मोबाइल नंबर
  • साइकिल, दोपहिया और चारपहिया वाहन
  • परिवार में खाया जाने वाला मुख्य अनाज

जनगणना 2027 का पूरा रोडमैप

पहले चरण में हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन पूरा किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी। दूसरे चरण की प्रश्नावली बाद में जारी की जाएगी।

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के अनुसार, सभी जनगणना अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्यों अहम है यह जनगणना?

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह जनगणना न सिर्फ सरकारी योजनाओं की दिशा तय करेगी, बल्कि डिजिटल पहुंच, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक ढांचे की वास्तविक तस्वीर भी सामने लाएगी।

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