दिल्ली में हादसों का भयावह खुलासा! 15 साल में 6,611 लोगों की मौत, DFS रिपोर्ट ने खोली पोल

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Delhi Fire Service

Delhi Fire Service: दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2009–10 से लेकर वित्त वर्ष 2023–24 तक करीब 15 वर्षों में चार लाख से अधिक आपातकालीन कॉल दर्ज की गईं। इस दौरान आग, इमारत गिरने और सड़क दुर्घटनाओं सहित विभिन्न हादसों में कुल 6,611 लोगों की मौत हुई।

कॉल और घायल/मृत्यु के आँकड़े (मुख्य बिंदु)

  • वित्त वर्ष 2011-12 में सबसे कम कॉल — 18,143.
  • वित्त वर्ष 2022-23 में सबसे अधिक कॉल — 31,958.
  • वर्ष 2010-11 में घायल होने वालों की संख्या सबसे कम — 243.
  • वित्त वर्ष 2023-24 में घायल होने वालों की संख्या सर्वाधिक — 3,232.
  • वर्ष 2016-17 में मृत्यु का न्यूनतम आंकड़ा — 277.
  • वित्त वर्ष 2023-24 में मृतक सर्वाधिक — 1,303.

वर्षवार रुझान और बढ़ोतरी

आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2020 के बाद से हादसों में मृत्यु के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। उदाहरण के तौर पर:

  • वर्ष 2020-21 में मौतें: 346.
  • वर्ष 2021-22 में मौतें: 591 — लगभग 70% की वृद्धि।
  • वर्ष 2022-23 में मौतें: 1,029 — लगभग 74% की वृद्धि।
  • वर्ष 2023-24 में मौतें: 1,303 — सालाना आधार पर 27% की वृद्धि।

कारण और प्रशासन की चिंता

एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि ये आँकड़े केवल आग से संबंधित घटनाओं तक सीमित नहीं हैं — इनमें इमारतें गिरना, सड़क दुर्घटनाएँ और अन्य उन आपात स्थितियों को भी शामिल किया गया है जहाँ डीएफएस को सहायता के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों के अनुसार हाल के वर्षों में कई भीषण अग्निकांड और सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन—विशेषकर अवैध संचालन—इन हादसों के प्रमुख कारण रहे हैं।

डीएफएस के अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि प्रभावित इलाकों में अग्नि सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने, अवैध कारोबारों पर कार्रवाई तेज करने और इमारतों की नियमित जांच बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में जनहानि को रोका जा सके।

नियंत्रण और बचाव की चुनौतियाँ

शहर में तेज़ आबादी, संकरी गलियाँ और निर्माण मानकों का उल्लंघन बचाव कार्यों को कठिन बना देता है। DFS ने सुझाव दिया है कि भवनों में अग्नि बचाव उपकरणों की अनिवार्यता, नियमित ड्रिल और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों को बढ़ाया जाए।

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