Jaipur Marathon: हर साल आयोजित होने वाली जयपुर मैराथन की शुरुआत 2 फरवरी को हुई। इस बार जयपुर मैराथन की थीम “दौड़ते कदमों का उत्सव” रखी गई है। (Jaipur Marathon)16वीं एयू जयपुर मैराथन में जयपुरवासियों के साथ-साथ दुनियाभर के धावकों ने हिस्सा लिया। जयपुर मैराथन देश की सबसे मशहूर मैराथन में से एक मानी जाती है।
सीएम भजनलाल ने दिखाई हरी झंडी, दिया फिटनेस का संदेश
सुबह 3 बजे से ही प्रतिभागी इस 5 किलोमीटर लंबी मैराथन में शामिल होने के लिए पहुंचने लगे थे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और धावकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ मन का निर्माण होता है।” इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया, जिसमें महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और ‘खेलो इंडिया’ के आयोजन की घोषणा शामिल थी।
‘स्वस्थ राजस्थान, समृद्ध राजस्थान’ के संकल्प के अनुरूप आज सांस्कृतिक युवा संस्था द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय जयपुर मैराथन में उपस्थित प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए मैराथन को झंडी दिखाकर रवाना किया। pic.twitter.com/IXMrPepPql
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) February 2, 2025
ओम मंत्र का जाप करते हुए दौड़े 14 हजार धावक
हर साल हजारों युवा और बुजुर्ग इस मैराथन में हिस्सा लेते हैं। इस साल जयपुर मैराथन ने फिटनेस, एकता और जागरूकता का संदेश दिया। आयोजकों के मुताबिक, इस बार मैराथन में कई रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिशें की गईं।
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश: 10,000 से ज्यादा महिला धावकों ने पीले रंग का दुपट्टा पहनकर दौड़ लगाई।
- धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल: 14,000 धावकों ने ‘ओम’ मंत्र का जाप करते हुए और ‘ओम’ टी-शर्ट पहनकर दौड़ लगाई।
जयपुर मैराथन: सिर्फ एक दौड़ नहीं, एक प्रेरणा
जयपुर मैराथन न केवल एक दौड़ है, बल्कि यह एकता, जागरूकता और फिटनेस का प्रतीक भी है। हर साल इसमें हजारों लोग भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाते हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह मैराथन और बड़े स्तर पर आयोजित होगी और कई नए रिकॉर्ड बनाएगी।



































































