women reservation amendment bill: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर आज देश की राजनीति गरमा गई। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं के नाम पत्र लिखकर इस पहल को जरूरी बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में कहा कि अगर 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिलाओं के लिए पूरे आरक्षण के साथ कराए जाते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। (women reservation amendment bill)उन्होंने लिखा कि महिलाएं आज कई क्षेत्रों में बेहतरीन काम कर रही हैं, इसलिए विधायी संस्थाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “बेटियों को उनके हक के लिए इंतजार करने के लिए नहीं कहा जा सकता।”
संसद का विशेष सत्र बुलाया
आरक्षित सीटों को रोटेशन
सरकार इस बार संसद में तीन बड़े विधेयक पेश करने जा रही है। पहला विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। दूसरा विधेयक संसद की सीटें बढ़ाने का है, जिसके तहत लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाकर 850 की जाएंगी। इनमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित हैं। दरअसल, लंबे समय से सीटों के पुनर्गठन (परिसीमन) पर रोक लगी हुई थी। इस विधेयक के जरिए यह रोक हटेगी और नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। तीसरा विधेयक महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़ा है। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण 15 वर्षों तक दिया जाएगा। इसके बाद आरक्षित सीटों को रोटेशन के आधार पर बदला जाएगा। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की दिशा में सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज होती जा रही है।
