
Kyiv : अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े दबाव के बाद यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर जारी अपने घातक ड्रोन हमलों को चुपचाप रोक दिया है। अमरीकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन की ओर से वैश्विक बाजार में डीजल की रिकॉर्ड कीमतों और अमरीकी मध्यावधि चुनावों पर पड़ रहे असर को लेकर जताई गई नाराजगी के बाद यह कदम उठाया गया है।
यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के अनुसार, दूरगामी हमलों को अंजाम देने वाली इकाइयों को अक्टूबर के मध्य में ही नए अभियानों पर रोक लगाने के निर्देश दे दिए गए थे। सेना को केवल उन्हीं अभियानों को पूरा करने की अनुमति दी गई जो पहले से जारी थे। हमलों पर यह अनौपचारिक रोक अमरीकी मध्यावधि चुनावों के खत्म होने तक लागू रहेगी, जिसे आगे नवंबर तक बढ़ाया जा सकता है
यह राजनयिक बदलाव ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे भीषण संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, रूसी रिफाइनरियों पर कीव के हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में ईंधन के दाम आसमान छूने लगे थे, जिससे ट्रम्प प्रशासन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच संबंधों में काफी खटास आ गई थी।
अमरीका ने ईंधन बाजार को स्थिर करने के मकसद से मास्को के साथ आपूर्ति को लेकर बातचीत आगे बढ़ाई और कुछ प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए। यूक्रेनी रक्षा मंत्री एवगेनी खमारा ने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को सलाह दी कि मौजूदा कूटनीतिक परिस्थितियों में रिफाइनरियों पर हमले रोकना एक जरूरी समझौता है। हालांकि, सैन्य नेतृत्व का कहना है कि स्थिति के आधार पर हमलों को दोबारा शुरू करने का अधिकार यूक्रेन के पास सुरक्षित है।
यूक्रेन महीनों से इन हमलों को रोकने के अमरीकी दबाव का विरोध कर रहा था। उसका तर्क था कि रूसी अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति को पंगु बनाना ही मास्को के लगातार हो रहे हवाई हमलों का एकमात्र प्रभावी जवाब है। एक तरफ जहां यूक्रेन ने अपने ड्रोन रोक दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ रूसी सेना ने सर्दियों की शुरुआत से ठीक पहले यूक्रेन के बिजली ग्रिड और नागरिक बुनियादी ढांचों पर मिसाइल और ड्रोन हमले और तेज कर दिए हैं।