US Military Ban: मिडिल ईस्ट में अब भले ही सीधे तौर पर जंग न चल रही हो लेकिन हालात अभी भी संवेदनशील हैं। अमेरिका और ईरान लगातार सक्रिय हैं। इसी बीच अमेरिका के 2 पक्के दोस्तों ने अमेरिका को झटका दिया है। सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
ऐसा इसलिये क्योंकि दोनों देश प्रोजेक्ट फ्रीडम को उन्हें (US Military Ban)बिना विश्वास में लिए शुरू किए जाने से नाराज थे। NBC news के हवाले से खबर ये है कि उनकी नाराज़गी की ही वजह राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम अभियान को रोक दिया।
सऊदी अरब, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों का समर्थन कर रहा है। ऐसे में एक दूसरा अभियान शुरू करने के पक्ष में नहीं थे सऊदी, जिनके समर्थन के बिना मिडिल ईस्ट में कोई सैन्य अभियान संभव नहीं है।
इधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने हालांकि जोर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, लेकिन वे डील पर आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक चल रही है है और ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होने से समझौता संभव है।
