Trump Iran peace talks: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता विफल रहती है, तो अमेरिका फिर से बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर देगा. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अमेरिकी युद्धपोतों को अत्याधुनिक गोला-बारूद और हथियारों से लैस होने के निर्देश दे दिए हैं. ट्रंप ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, “हम अपने जहाजों को अब तक के(Trump Iran peace talks) सबसे बेहतरीन हथियारों से लोड कर रहे हैं. अगर शनिवार की वार्ता में कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो हम उनका बहुत प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे.” ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान पहले ही काफी कमजोर हो चुका है और बातचीत ही उसके बचने का एकमात्र रास्ता है.
दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी…
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका की सेना ‘रीसेट’ मोड में है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते की शर्तों—विशेष रूप से ‘नो न्यूक्लियर’ और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को खुला रखने का पालन नहीं करता है, तो ऐसी “शूटिंग” शुरू होगी जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी.
लेबनान पर हो रहे हमलों को तुरंत
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका को दो मोर्चों पर तुरंत कदम उठाने होंगे. लेबनान पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाए. साथ ही, अमेरिका द्वारा ब्लॉक किए गए ईरान के अरबों डॉलर के एसेट्स को तुरंत रिलीज किया जाए. ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने तो यहां तक चेतावनी दे दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो ईरान किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा.
नो न्यूक्लियर वेपन्स
एक तरफ ईरान शर्तों की झड़ी लगा रहा है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि समझौता तभी होगा जब ईरान ‘नो न्यूक्लियर वेपन्स’ और ‘होर्मुज की जलडमरूमध्य’ को सुरक्षित रखने की गारंटी देगा. इस्लामाबाद पहुंचे जेडी वेंस ने भी तेहरान को आगाह किया है कि वह अमेरिका के साथ “खेल” खेलने की कोशिश न करे. वेंस ने कहा, “हम खुले दिल से आए हैं, लेकिन अगर ईरान ने हमें बेवकूफ बनाने की कोशिश की, तो उसे अंजाम भुगतने होंगे.”
