Sawan 2026 : सावन के पहले सोमवार पर जयपुर पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है. शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज रहे हैं. गलता तीर्थ से लाए गए पवित्र जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा रहा है. ताड़केश्वर महादेव, झाड़खंड महादेव सहित प्रमुख मंदिरों में रुद्राभिषेक,(Sawan 2026) सहस्त्रघट और पंचामृत अभिषेक के विशेष आयोजन हो रहे हैं. पहले सावन सोमवार पर बने दुर्लभ शुभयोगों के चलते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है.
शाम के समय भोलेनाथ का विशेष फूलों से श्रृंगार किया जाएगा, वहीं ज्योतिर्लिंगों की तर्ज पर आकर्षक शिव झांकियां भी सजाई जाएंगी. झाड़खंड महादेव मंदिर में सहस्त्रघट अभिषेक की बुकिंग अगले दो महीनों तक पूरी तरह फुल हो चुकी है. मंदिर प्रशासन ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए अभिषेक में उपयोग किए गए जल को संग्रहित करने की विशेष व्यवस्था भी की है.
सावन के पहले सोमवार पर सुकर्मा योग का दुर्लभ संयोग : सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर के शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजने लगे हैं. हरिद्वार से लेकर काशी तक कांवड़ियों की टोलियां पवित्र नदियों से जल भरकर शिवधामों की ओर बढ़ रही हैं. इस वर्ष 3 अगस्त 2026 को सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है, जिस दिन सुकर्मा योग और पंचमी तिथि का एक दुर्लभ व अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार को सुकर्मा योग में भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. पंडित कन्हैया लाल शास्त्री के अनुसार, वैसे तो पूरा श्रावण मास भगवान शिव को प्रिय है, लेकिन सोमवार का दिन उन्हें सर्वाधिक प्रिय है. इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने तथा पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. इस साल सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे और यह महीना 28 अगस्त तक चलेगा.
भगवान शिव को प्रसन्न करने वाली प्रिय चीजें:-
- बेलपत्र: बिना कटा-फटा बेलपत्र अर्पित करने से शिवजी अति प्रसन्न होते हैं।
- गंगाजल: शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।
- दूध: सोमवार को दूध अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
- शुद्ध जल: जल से अभिषेक करने से मानसिक शांति मिलती है।
- धतूरा: यह भगवान शिव की पसंदीदा औषधि और प्रिय अर्पित सामग्री है।
- भांग: भांग चढ़ाने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं।
- चंदन: शिवलिंग पर चंदन लगाने से मन शीतल रहता है और पूजा पूर्ण मानी जाती है।
- शमी के पत्ते: शमी पत्र अर्पित करने से पापों का नाश होता है।
- सफेद फूल: चमेली या कनेर जैसे सफेद रंग के फूल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है।
