ACB Rajasthan: जयपुर। किसानों को वितरित किए जाने वाले बीजों की गुणवत्ता और बीज वितरण व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई सहित कई लोगों को डिटेन किया है। (ACB Rajasthan)मामले में करोड़ों रुपये के लेन-देन और नकली बीजों को बचाने के प्रयासों का खुलासा हुआ है।
निदेशक के ठिकानों से 2.44 करोड़ रुपये बरामद
एसीबी की टीम ने राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के आवास और बस की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान अब तक कुल 2 करोड़ 44 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई है। वहीं स्वतंत्र बिश्नोई को लूणकरणसर क्षेत्र से नकद राशि सहित गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी ने इस मामले में गजराज ब्रांड मूंगफली बीज से जुड़े प्रोपराइटर किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सुनील सेतिया और सतपाल सहित अन्य व्यक्तियों को डिटेन कर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसी कथित रिश्वत लेन-देन और बीज वितरण में हुई अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कार्रवाई दबाने के लिए हुआ था करोड़ों का खेल
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 27 मई 2026 को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर छापेमारी के दौरान बीजों के नमूने लिए गए थे और गजराज ब्रांड के बीजों की बिक्री पर रोक लगाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि कार्रवाई को प्रभावित करने, प्रकरण को दबाने और गोदाम में रखे कथित नकली बीजों को वापस गुजरात भेजने की अनुमति दिलाने के लिए भारी रिश्वत का लेन-देन किया गया।
प्रयोगशाला रिपोर्ट प्रभावित करने का भी आरोप
एसीबी के अनुसार संबंधित लोगों ने विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के माध्यम से अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया। इसमें बीजों के नमूनों को प्रयोगशाला से पास करवाने और प्रतिबंधित बिक्री को दोबारा शुरू करवाने जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।पूरे मामले की जांच एसीबी मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। उप महानिरीक्षक, एसीबी अजमेर के निकट पर्यवेक्षण में वरिष्ठ अधिकारी मामले की गहन जांच कर रहे हैं। एसीबी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
