बिना आय प्रमाण, बिना दाखिले….राजस्थान में छात्रवृत्ति कैसे बंटती रही? CAG रिपोर्ट ने चौंकाया

Rajasthan Scholarship Scam

Rajasthan Scholarship Scam: राजस्थान में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए चलाई जा रही प्री मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। 2017 से 2021 के बीच हुए इस कथित घोटाले ने प्रशासनिक लापरवाही और (Rajasthan Scholarship Scam)निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CAG रिपोर्ट ने खोली पोल

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में 1325 छात्रों को बिना आय प्रमाण पत्र की जांच के छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से 374 छात्रों के आय प्रमाण पत्र कभी जारी ही नहीं हुए थे। 17 राज्यों की रिपोर्ट में राजस्थान में इस तरह की अनियमितताओं के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।

नियमों को ताक पर रखकर बांटी गई छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति के नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि लाभ लेने वाले छात्र को पिछली कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य हैं। इसके बावजूद राजस्थान में 395 छात्रों को बिना न्यूनतम अंक के करीब 11 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दे दी गई।

जांच में 13 ऐसे छात्र भी सामने आए जिनकी पारिवारिक आय तय मानकों से अधिक थी, फिर भी उन्हें योजना का लाभ दिया गया।

CAG की 18 दिसंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्री मैट्रिक स्तर पर 998 और पोस्ट मैट्रिक स्तर पर 327 छात्रों को बिना आय सत्यापन के छात्रवृत्ति मिली। हैरानी की बात यह रही कि 91 छात्रों ने बिना स्कूल में दाखिला लिए ही छात्रवृत्ति प्राप्त कर ली। इसके अलावा, पोस्ट मैट्रिक लेवल के 109 छात्रों को तय राशि से अधिक भुगतान भी किया गया।

रिकवरी और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

रिपोर्ट सामने आने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्यों से मिली जानकारी के अनुसार, कई मामलों में दोगुनी रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग अब सभी संदिग्ध मामलों की गहन जांच कर रहा है।

क्यों शुरू की गई थी यह योजना?

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नवंबर 2007 में पोस्ट मैट्रिक और जनवरी 2008 में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना और ड्रॉपआउट दर को कम करना था।

छात्रवृत्ति के लिए पात्रता क्या है?

  • प्री मैट्रिक: पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से कम
  • पोस्ट मैट्रिक: पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम
  • पिछली कक्षा में न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य
  • परिवार में दूसरे कमाऊ सदस्य नहीं होने चाहिए

यह योजना 1992 में अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों—मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी—के छात्रों के लिए लागू है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त निगरानी और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो ऐसी योजनाओं का असली लाभ जरूरतमंद छात्रों तक नहीं पहुंच पाएगा।

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