Illegal Mining: राजस्थान के बारां जिले में अवैध बजरी और खनिज खनन के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पार्वती नदी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय खनन(Illegal Mining) माफियाओं के खिलाफ एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल कुमार के सुपरविजन में चार विशेष टीमों का गठन किया गया था।
चार टीमों ने एक साथ मारी रेड
खनन माफियाओं को संभलने का मौका न मिले, इसके लिए पुलिस ने पूरी गोपनीयता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। आरपीएस प्रोबेशनर भजन लाल, विभिन्न थाना अधिकारियों और जिला विशेष टीम के जवानों ने मांगरोल, किशनगंज और सीसवाली क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर चिन्हित ठिकानों को घेरकर कार्रवाई शुरू की गई।
पार्वती नदी में पकड़ी गई भारी मशीनरी
मांगरोल क्षेत्र की पार्वती नदी में अवैध खनन करते हुए 4 एलएनटी पोकलेन मशीनें, 3 जेसीबी, 22 बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक डंपर, कई खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन जब्त किए गए। इसके अलावा बालुन्दा और सुरताक घाटों से भी पोकलेन मशीनें, जेसीबी, ट्रैक्टर और बजरी परिवहन में उपयोग की जा रही दो नावें कब्जे में ली गईं। सभी वाहनों को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया।
किशनगंज और सीसवाली में भी कार्रवाई
किशनगंज के बिसलाई क्षेत्र में अवैध खनन कर रही दो पोकलेन मशीनें, एक डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गई। वहीं सीसवाली के पापड़ली गांव में अवैध बजरी स्टॉक की जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर खनन विभाग ने मौके पर ही 29,600 रुपये का जुर्माना वसूला।
लाखों के जुर्माने की तैयारी
पुलिस ने मौके पर पर्यावरण को हुए नुकसान और अन्य अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर खनन एवं परिवहन विभाग को भेज दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त मशीनों और वाहनों पर अब लाखों रुपये का जुर्माना तथा पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया जा सकता है।
