Rajasthan News:राजस्थान सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) में अहम संशोधन किया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने उद्योगों के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ते हुए अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से राज्य में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे. (Rajasthan News)इस संबंध में सरकार ने आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं. नई व्यवस्था के तहत खास तौर पर टेक्सटाइल उद्योग और सेवा क्षेत्र के उद्यमों को राहत दी गई है.
टेक्सटाइल उद्योग को पे-रोल सब्सिडी
नई व्यवस्था के तहत पात्र टेक्सटाइल इकाइयों को कर्मचारियों के वेतन पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी. सरकार कर्मचारियों के सकल मासिक वेतन का 50 प्रतिशत तक पे-रोल सब्सिडी देगी. हालांकि यह राशि अधिकतम 8 हजार रुपये प्रति कर्मचारी प्रतिमाह तक सीमित रहेगी. यह लाभ पात्रता प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से पांच साल तक मिलेगा. सरकार का उद्देश्य है कि उद्योग अधिक लोगों को रोजगार दें. इससे युवाओं के लिए नौकरी के अवसर बढ़ेंगे.
सब्सिडी के लिए ये शर्तें जरूरी
पे-रोल सब्सिडी पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. इकाई को निर्धारित न्यूनतम रोजगार सीमा से कम से कम 2.5 गुना अधिक रोजगार देना होगा. सभी कर्मचारी स्थायी पे-रोल पर होने चाहिए. कर्मचारियों का ईपीएफ या ईएसआई में पंजीकरण होना जरूरी है. कर्मचारियों का राजस्थान का निवासी होना अनिवार्य रखा गया है. इन शर्तों का उद्देश्य स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार देना है.
सेवा क्षेत्र को ब्याज में राहत
सरकार ने सेवा क्षेत्र के उद्यमों को भी बड़ी राहत दी है. नई व्यवस्था के तहत बैंक या वित्तीय संस्थान से लिए गए टर्म लोन पर 5 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा. यह अनुदान उन उद्यमों को मिलेगा जो प्लांट, मशीनरी या उपकरणों में निवेश करेंगे. यह सुविधा अधिकतम पांच साल तक उपलब्ध रहेगी. इससे होटल, आईटी, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवा क्षेत्रों में नया निवेश आसान हो सकता है.
योजना में जोड़ी गईं नई श्रेणियां
सरकार ने RIPS योजना में कुछ नई श्रेणियां भी शामिल की हैं. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए निवेश सीमा 5 करोड़ रुपये तय की गई है. लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सीमा 2.50 करोड़ रुपये रखी गई है. इसके अलावा कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को भी पात्र उद्योगों की सूची में शामिल किया गया है. इन बदलावों से बड़े निवेशकों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.
उद्योगों को ऐसे मिलेगा फायदा
सरकार के अनुसार नई व्यवस्था से उद्योगों और निवेशकों को कई फायदे होंगे. अगर कोई टेक्सटाइल इकाई ज्यादा लोगों को नौकरी देती है तो कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा सरकार देगी. इससे उद्योगों का खर्च कम होगा. होटल, आईटी या लॉजिस्टिक्स कंपनियां अगर बैंक से लोन लेकर निवेश करती हैं तो सरकार ब्याज का कुछ हिस्सा देगी. इससे नए कारोबार शुरू करना आसान होगा. नई श्रेणियां जुड़ने से राज्य में बड़े निवेश और नई कंपनियों के आने की संभावना बढ़ेगी.
क्या होती है पे-रोल सब्सिडी?
पे-रोल सब्सिडी एक सरकारी वित्तीय सहायता योजना होती है. इस योजना के तहत सरकार कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन का कुछ हिस्सा देने में मदद करती है. इसका उद्देश्य रोजगार को सुरक्षित रखना और कंपनियों को आर्थिक सहयोग देना होता है. आर्थिक मंदी या कठिन समय में ऐसी योजनाएं उद्योगों को स्थिर बनाए रखने में मदद करती हैं.
सरकार का क्या कहना है?
राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम राजस्थान को औद्योगिक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए उठाया गया है. सरकार के अनुसार टेक्सटाइल उद्योग को पे-रोल सब्सिडी देने से कंपनियां ज्यादा लोगों को रोजगार देंगी. वहीं सेवा क्षेत्र को ब्याज अनुदान मिलने से नए निवेश को गति मिलेगी.
