UPI safety tips: जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दिलचस्प लेकिन सीख देने वाली घटना सामने आई है।स्लोवाकिया की वैज्ञानिक निकोला नोस्कोवा भारत में एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने आई थीं।उन्होंने आईआईटी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, लेकिन वापसी की फ्लाइट रद्द होने के बाद वह घूमने के लिए जयपुर पहुंच गईं। जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने एक टैक्सी बुक की।(UPI safety tips) किराया करीब 3 हजार रुपये था, लेकिनगलती से उन्होंने ड्राइवर को 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ घंटे बाद जब उन्हें अपनी गलती का पता चलातो उन्होंने तुरंत जयपुर पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस की मुस्तैदी से 24 घंटे में वापस मिले पैसे
मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की।पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर टैक्सी चालक को खोज निकाला औरकरीब 27 हजार रुपये महिला को वापस दिलवा दिए।इस पूरी घटना के बाद राजस्थान पुलिस की काफी सराहना हो रही है।साथ ही यह मामला डिजिटल पेमेंट के दौर में एक महत्वपूर्ण सवाल भी खड़ा करता है—अगर किसी से गलती से ज्यादा UPI पेमेंट हो जाए तो क्या करना चाहिए?
इस घटना के बाद राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक एडवाइजरी जारी कर बताया किअगर किसी से गलती से गलत UPI ट्रांजैक्शन हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है।कुछ आसान कदम अपनाकर पैसा वापस पाया जा सकता है।
1. तुरंत स्क्रीनशॉट लें और UTR नंबर नोट करें
सबसे पहला कदम यह है कि जैसे ही आपको पता चले कि पैसा गलत खाते में चला गया है,तुरंत उस ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट ले लें। इसके साथ हीउस लेनदेन का UTR (Unique Transaction Reference) नंबर जरूर नोट कर लें।
यह 12 अंकों का नंबर ट्रांजैक्शन की पहचान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसी के आधार पर बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर पैसे की ट्रैकिंग करता है।
2. UPI ऐप पर तुरंत करें रिपोर्ट
इसके बाद जिस ऐप से आपने पेमेंट किया है, जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm या अन्यUPI ऐप, उसकी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाएं। वहां आपको”Report a Problem” या “Raise a Dispute” का विकल्प मिलेगा।
इस विकल्प के जरिए आप बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत जानकारी दे सकते हैं।जल्दी रिपोर्ट करने से ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना आसान हो जाता है और पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
3. बैंक कस्टमर केयर से संपर्क करें
अगर ऐप के माध्यम से समस्या का समाधान नहीं होता है, तो तुरंत अपने बैंक केकस्टमर केयर से संपर्क करें। बैंक को UTR नंबर और ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी दें। बैंक संबंधित खाते से संपर्क कर मामले को सुलझाने की कोशिश करता है।
4. जरूरत पड़े तो साइबर क्राइम पोर्टल पर करें शिकायत
अगर फिर भी पैसा वापस नहीं मिलता है, तो आप राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी मदद ले सकते हैं।
डिजिटल पेमेंट करते समय रखें ये सावधानियां, पेमेंट करने से पहले राशि और UPI आईडी को दो बार जांच लें, QR कोड स्कैन करते समय व्यापारी का नाम जरूर देखें, गलती से पेमेंट हो जाए तो तुरंत कार्रवाई करें, UTR नंबर और ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें…जयपुर की इस घटना ने यह दिखाया है कि समय पर कार्रवाई और सही प्रक्रिया अपनाने से गलती से किए गए डिजिटल पेमेंट भी वापस मिल सकते हैं।
