Jayaram Ramesh: देश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए भ्रष्टाचार और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कामकाज पर निशाना साधते हुए कई पुराने और चर्चित मामलों का जिक्र किया है। (Jayaram Ramesh)जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इलेक्टोरल बॉन्ड, राम मंदिर चंदा विवाद और पीएम केयर फंड जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने नारे ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का जिक्र करते हुए सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता के इन आरोपों के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
कांग्रेस नेता ने क्या-क्या लगाए आरोप
जयराम रमेश ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 8 नवंबर 2016 की नोटबंदी को संगठित लूट और वैध लूट (Organized Loot and Legalized Plunder) बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC) में कथित 20,000 करोड़ रुपये के घोटाले को छिपाने के लिए उसका ओएनजीसी (ONGC) में विलय कराया गया।
रमेश ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को भी निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि यह चंदा दो, धंधा लो मॉडल पर आधारित एक बड़ा घोटाला था। इसके साथ ही पार्टी ने अडानी समूह की तेजी से हुई कारोबारी वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘हम अडानी के कौन हैं’ अभियान के तहत पीएम मोदी से 100 सवाल पूछे थे, लेकिन उनका अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर भी सवाल दोहराए और कहा कि इस मामले में उठे गंभीर सवालों का अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। इसके अलावा जयराम रमेश ने पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) को पारदर्शिता और जवाबदेही से दूर बताते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
