
Washington : अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल की पिया डांडिया ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। जयपुर से संबंध रखने वाले अप्रवासी माता-पिता की बेटी और डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी पिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार केसी असकर को कड़े मुकाबले में मात देकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) की दहलीज लांघी है। इस मुकाम तक पहुंचने वाली वह प्रमिला जयपाल के बाद देश की दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं।
पाम बीच काउंटी में जन्मीं और जुपिटर में पली-बढ़ीं पिया का नाता अपनी भारतीय जड़ों से बेहद गहरा रहा है। 1980 के दशक में उनके पिता डॉ. रोहित डांडिया और मां जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे। पठन-पाठन और सामाजिक मूल्यों से समृद्ध माहौल में पली-बढ़ी पिया को बचपन से ही उनके माता-पिता नियमित रूप से भारत भेजा करते थे, ताकि वह अपनी संस्कृति को समझ सकें। दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में गरीब बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के अपने अनुभव को पिया अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ मानती हैं, जिसने उनके भीतर जनसेवा और सामाजिक समानता की भावना को गहराई से सींचा।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक पिया डांडिया का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। वे न केवल व्हाइट हाउस फेलो और प्रमुख टेक कंपनी एप्पल में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, बल्कि उन्होंने न्यूयॉर्क के हार्लेम में शिक्षिका और स्कूल प्रिंसिपल के रूप में भी जमीनी स्तर पर काम किया है। शिक्षा की सुलभता, आर्थिक अवसर और बुनियादी सुधारों को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतरीं पिया ने अपनी इस मेहनत के दम पर फ्लोरिडा की इस सीट का राजनीतिक रुख बदल दिया। उनकी यह सफलता न केवल प्रवासी भारतीय समुदाय के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है, बल्कि यह हर उस भारतीय के लिए गर्व का क्षण है जिसकी जड़ें देश की माटी से जुड़ी हैं।