Income Tax Rules 2026: बिजनेस डेस्क। आम लोगों के रोजमर्रा के पैसों के लेन-देन से जुड़े नियमों में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। Income Tax Rules 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है, जो नए Income Tax Act 2025 से जुड़ा है और इसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी है। इन प्रस्तावित नियमों के तहत कई लेन-देन में PAN कार्ड की अनिवार्यता की सीमा बढ़ाई गई है, (Income Tax Rules 2026)जिससे छोटे ट्रांजैक्शन करने वालों को राहत मिल सकती है, जबकि बड़े लेन-देन पर निगरानी और कड़ी होगी।
रोज-रोज PAN देने से छुटकारा?
अब तक यदि कोई व्यक्ति एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा करता था तो PAN देना अनिवार्य होता था। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार अब साल भर में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश जमा या निकासी करने पर ही PAN देना होगा। यह सीमा एक या एक से ज्यादा बैंक खातों पर लागू होगी। बार-बार PAN देने की जरूरत कम होगी। छोटे और नियमित लेन-देन करने वालों को बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार का संकेत साफ है—छोटे ट्रांजैक्शन आसान, बड़े ट्रांजैक्शन पारदर्शी।
अकाउंट शुरू करते ही PAN जरूरी
पहले लाइफ इंश्योरेंस का सालाना प्रीमियम 50,000 रुपये से ज्यादा होने पर PAN मांगा जाता था। अब प्रस्ताव है कि जैसे ही कोई व्यक्ति इंश्योरेंस कंपनी के साथ अकाउंट-आधारित रिश्ता शुरू करेगा, PAN देना अनिवार्य होगा। इस बदलाव से इंश्योरेंस सेक्टर में पैसों के प्रवाह पर सरकार की निगरानी और मजबूत होगी।
गाड़ी खरीदने पर राहत
अभी तक किसी भी कीमत की गाड़ी खरीदने पर PAN देना जरूरी था। नए ड्राफ्ट के अनुसार अब 5 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की कार या बाइक खरीदने पर ही PAN देना होगा। सस्ती कार और बाइक खरीदने वालों को कागजी झंझट से राहत दोपहिया वाहनों के लिए स्पष्ट सीमा तय प्रॉपर्टी डील: सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख पहले 10 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील पर PAN अनिवार्य था। अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों को देखते हुए यह बदलाव छोटे खरीदारों और मध्यम वर्ग के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।
होटल, शादी और इवेंट में भी राहत
अब तक 50,000 रुपये से ज्यादा के होटल, बैंक्वेट या इवेंट बिल पर PAN देना पड़ता था। नए नियमों में प्रस्ताव है कि अब 1 लाख रुपये से ज्यादा के बिल पर ही PAN जरूरी होगा। शादी, रिसेप्शन और पारिवारिक कार्यक्रमों में राहत
सामान्य होटल स्टे में कम औपचारिकताएं नौकरीपेशा लोगों के लिए संकेत: सैलरी स्ट्रक्चर हो सकता है आसान ड्राफ्ट में कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले कुछ बेनिफिट्स की वैल्यू लिमिट बढ़ाने का सुझाव भी शामिल है।
इससे…सैलरी स्ट्रक्चर सरल हो सकता है,टैक्स नियम समझना आसान होगा,अनावश्यक टैक्स दबाव कम हो सकता है,क्रिप्टो और डिजिटल पेमेंट पर कड़ी नजर…सरकार डिजिटल लेन-देन को लेकर भी सतर्क है। ड्राफ्ट के अनुसार…क्रिप्टो एक्सचेंजों को ट्रांजैक्शन डाटा इनकम टैक्स विभाग से साझा करना होगा।डिजिटल रुपया (CBDC) को आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का दर्जा मिलेगा।इससे डिजिटल ट्रांजैक्शन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।
कब से लागू होंगे नए नियम?
CBDT ने ड्राफ्ट नियम जनता और स्टेक होल्डर्स से सुझाव लेने के लिए जारी किए हैं। मार्च 2026 की शुरुआत में फाइनल नियम आने की संभावना 1 अप्रैल 2026 से नया कानून लागू किया जा सकता है नई नीति का संकेत: राहत भी, निगरानी भी….सरकार की रणनीति साफ दिखाई देती है—छोटे लेन-देन को आसान बनाना और बड़े ट्रांजैक्शन पर सख्त निगरानी रखना। Income Tax Rules 2026 आम लोगों के लिए राहत और पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखे जा रहे हैं।





























































