PM Modi Ajmer Visit: अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राजस्थान को करीब 23,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। कार्यक्रम में कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाएगा, वहीं ‘रोजगार उत्सव’ के तहत 21 हजार युवाओं को(PM Modi Ajmer Visit) नियुक्ति पत्र भी सौंपे जाएंगे।
विकसित राजस्थान का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे “विकसित राजस्थान के संकल्प को नई शक्ति देने वाला” कार्यक्रम बताया। सरकार को उम्मीद है कि पीएम की मौजूदगी से राज्य में बुनियादी ढांचे और निवेश की रफ्तार और तेज होगी।
2-3 लाख लोगों की भीड़ की तैयारी
जयपुर से मौखिक निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कायड़ विश्राम स्थली में सभा स्थल के लिए दो बड़े डोम तैयार किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी जल्द ही टेंडर जारी करेगा।
अधिकारियों ने पार्किंग, पेयजल, सफाई, बिजली के तारों की शिफ्टिंग और सुरक्षा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की है। मौजूदा हेलीपैड की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अजमेर के साथ पुष्कर भी जा सकते हैं, जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।जिला कलेक्टर लोक बंधु ने पुष्टि की है कि 28 फरवरी की सभा को लेकर सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
राजनीतिक तापमान भी बढ़ा
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। अजमेर युवा कांग्रेस ने बैठक कर केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विरोध जताया है। जिलाध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर गुमराह किया गया है और वादे पूरे नहीं हुए।
युवा कांग्रेस ने ऐलान किया है कि पीएम के दौरे के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
अजमेर में पहले भी हो चुकी हैं बड़ी सभाएं
6 अक्टूबर 2018: कायड़ विश्राम स्थली में जनसभा को संबोधित किया।
31 मई 2023: केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर महा जनसंपर्क अभियान की शुरुआत।
6 अप्रैल 2024: लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पुष्कर में सभा।
चुनावी और विकास दोनों संदेश
अजमेर की यह सभा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर का संदेश देगी, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे मुद्दों के जरिए चुनौती देने की तैयारी में है। अब नजर 28 फरवरी पर टिकी है, जब अजमेर की धरती पर विकास, राजनीति और जनसमर्थन—तीनों की तस्वीर साफ होगी।
