भजनलाल-राजे मुलाकात, क्या खत्म हुई अंदरूनी खींचतान की अटकलें?

BJP Organization Strategy

BJP Organization Strategy: जयपुर। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आधिकारिक आवास पहुंचीं। इससे पहले सीएम भजनलाल शर्मा कई बार राजे के निवास पर मुलाकात कर चुके थे, लेकिन राजे का सीएम हाउस आना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक (BJP Organization Strategy)विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक पार्टी के भीतर समन्वय, संवाद और एकजुटता का स्पष्ट संदेश देती है।

पीएम मोदी की सभा पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित संगठन संवाद बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित सभा को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। सभा को ऐतिहासिक बनाने, अधिकतम जनसंपर्क सुनिश्चित करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।

हालांकि पंचायत चुनाव को लेकर क्या ठोस रणनीति बनी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन संगठनात्मक मजबूती पर गहन चर्चा हुई।

‘डबल इंजन’ और बूथ मैनेजमेंट का मंत्र

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर संभाग की बैठक में कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है और विकसित राजस्थान हमारा सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के कामों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने और बूथ स्तर तक संवाद बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में ग्राउंड जीरो से फीडबैक लेने, स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन हुआ।

बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने सड़कों सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसे संगठन और सरकार के बीच सीधा संवाद माना जा रहा है।

ये नेता रहे मौजूद

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे,ओंकार सिंह लखावत,सिद्धि कुमारी,डॉ. विश्वनाथ मेघवाल,ताराचंद सारस्वत,जेठानंद व्यास,अंशुमान सिंह भाटी,श्याम पंचारिया,सुमन छाजेड़,महावीर रांका,
मोहन सुराणा

सियासी संदेश क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि वसुंधरा राजे की मौजूदगी में हुई यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा भर नहीं थी, बल्कि यह बीजेपी के भीतर सामंजस्य और एकजुटता का सार्वजनिक संकेत भी थी। आगामी चुनावों और प्रधानमंत्री की सभा को देखते हुए पार्टी नेतृत्व कोई ढील नहीं देना चाहता।

बीकानेर संभाग में संगठन को और अधिक सक्रिय करने और प्रधानमंत्री की सभा को सफल बनाने की दिशा में इस बैठक को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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