Bihar cyber crime: नालंदा। डिजिटल दौर में ठगी के तरीके जितने हाईटेक हो रहे हैं, उतने ही खतरनाक भी। “पसंद की लड़की को गर्भवती करो और 5 से 13 लाख रुपये पाओ” — इस चौंकाने वाले ऑफर ने सैकड़ों युवकों को लालच के जाल में फंसाया। लेकिन यह पूरा खेल किसी एसी ऑफिस से नहीं, बल्कि खेतों और पगडंडियों के बीच बैठकर खेला जा रहा था।
कतरीसराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने सुंदरपुर और बरीठ गांव के चंवर में छापेमारी कर एक नाबालिग समेत छह आरोपियों को दबोच लिया। नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि पांच अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कैसे बिछाया जाता था जाल?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फेसबुक पर ‘ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब’ नाम से फर्जी पेज बनाया था। वहां एक व्हाट्सएप नंबर साझा कर युवकों को संपर्क के लिए उकसाया जाता था। दावा किया जाता था कि “जो भी पुरुष पसंद की लड़की को गर्भवती करेगा, उसे मोटी रकम दी जाएगी।”
जैसे ही कोई युवक संपर्क करता, उसे आकर्षक लड़कियों की तस्वीरें भेजी जातीं। पसंद बताने के बाद शुरू होता था असली खेल—
- रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर हजारों रुपये
- सिक्योरिटी डिपॉजिट
- सर्विस चार्ज
- GST के नाम पर अतिरिक्त वसूली
हर बार नई मांग, नया बहाना और शिकार से 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की वसूली। व्हाट्सएप चैट और ऑडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतकर युवकों को हनीट्रैप में उलझाया जाता था।
खेतों से चलता था ‘साइबर कॉल सेंटर’
12 फरवरी 2026 को नियमित पेट्रोलिंग के दौरान एएसआई रूदल पासवान को गुप्त सूचना मिली। दोपहर करीब 2:10 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो अलग-अलग झुंड में बैठे युवक मोबाइल पर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त मिले। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
जब्त स्मार्टफोनों से महिलाओं की तस्वीरें, वीडियो क्लिप और फर्जी विज्ञापन सामग्री बरामद हुई है। शुरुआती जांच में देश के कई राज्यों के युवकों से ठगी के संकेत मिले हैं।
देशव्यापी नेटवर्क की आशंका
पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है। आशंका है कि यह गिरोह बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के आपत्तिजनक और अवैध ऑफर से सतर्क रहें।
सतर्कता ही बचाव: किसी भी संदिग्ध ऑफर या साइबर ठगी की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि लालच और झूठे सपनों के सहारे साइबर अपराधी युवाओं को निशाना बना रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर मेहनत की कमाई पर डाका डालने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
