Rajasthan politics news: राजस्थान विधानसभा में आज आदिवासी पहचान और वन-पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. विपक्षी सदस्यों ने आदिवासियों की धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए, जबकि वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने सरकार की हरियाली और वन्यजीव सुरक्षा की उपलब्धियों का विस्तार से ब्यौरा दिया. (Rajasthan politics news)सदन में बहस काफी तीखी रही, जिसमें आदिवासी संस्कृति, हिंदू धर्म से संबंध और पर्यावरण नीतियों पर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए.
आदिवासी हिंदू हैं या नहीं?
बस्सी विधायक लक्ष्मण मीणा ने सदन में जोरदार दलील देते हुए कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं हैं. उन्होंने तर्क दिया कि आदिवासियों पर हिंदू मैरिज एक्ट और उत्तराधिकार एक्ट लागू नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि “हिंदू कोई धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है”. मीणा ने आगे कहा कि आदिवासी प्रकृति के उपासक हैं और वे भी सनातनी हैं, लेकिन हिंदू धर्म से अलग अपनी अलग पहचान रखते हैं. सत्तापक्ष के सदस्यों के उत्तेजित होने पर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों इतनी प्रतिक्रिया हो रही है. यह बहस आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर राज्य में चल रही लंबी चर्चा का हिस्सा बनी, जहां कुछ नेता आदिवासियों को हिंदू मानते हैं, जबकि अन्य अलग पहचान की मांग करते हैं.
