पाकिस्तान की नई चाल, ड्रोन से हथियार, ड्रग मनी से आतंकी फंडिंग, सेना ने मोर्चा संभाला

International Border

International Border: जम्मू-कश्मीर: सीमा पार से बढ़ती संदिग्ध गतिविधियों के बीच जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। खुफिया इनपुट्स में पाकिस्तान की ओर से हथियारों की तस्करी और आतंकियों की घुसपैठ की बड़ी साजिश की आशंका जताई गई है। हालात को देखते हुए सेना और बीएसएफ ने संवेदनशील इलाकों में (International Border) अपनी मौजूदगी और निगरानी कई गुना बढ़ा दी है।

संवेदनशील इलाकों में बढ़ी गश्त, हर हलचल पर पैनी नजर

उत्तरी कश्मीर के गुरेज, उरी, करनाह और तंगधार सेक्टर के साथ-साथ जम्मू संभाग के राजौरी और नौशहरा इलाकों में सुरक्षा बलों की गश्त तेज कर दी गई है। इन क्षेत्रों को पहले से ही घुसपैठ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा एजेंसियां हर छोटी गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।


ड्रोन से हथियार और नशे की तस्करी की कोशिश

बीते एक सप्ताह में LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की पुष्टि हुई है। राजौरी के नौशहरा सेक्टर में गांवों के ऊपर संदिग्ध उड़ती वस्तुएं नजर आते ही सतर्क जवानों ने मशीन गन से फायरिंग कर ड्रोन को खदेड़ दिया।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इन ड्रोनों का इस्तेमाल भारतीय सीमा में हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जाता है। हाल ही में सांबा सेक्टर में तलाशी के दौरान पिस्टल और ग्रेनेड की बड़ी खेप बरामद की गई, जिससे ड्रोन नेटवर्क की पुष्टि होती है।

ड्रग मनी से आतंक को मिल रही फंडिंग

जांच एजेंसियों का कहना है कि नशे की तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कश्मीर और जम्मू में सक्रिय आतंकी संगठनों को फंडिंग देने में किया जा रहा है। यह नेटवर्क सीमा पार बैठे हैंडलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिनका मकसद क्षेत्र में अशांति फैलाना है।

कम बर्फबारी बनी आतंकी साजिश का मौका

इस बार उत्तरी कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में कम बर्फबारी हुई है, जिससे कई पारंपरिक घुसपैठ मार्ग खुले हुए हैं। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के करीब एक दर्जन लॉन्च पैड्स पर 100 से 150 प्रशिक्षित आतंकी घुसपैठ के इंतजार में बैठे हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में इस समय करीब 132 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से 122 विदेशी यानी मुख्य रूप से पाकिस्तानी नागरिक हैं। हालांकि स्थानीय भर्ती बेहद कम है, लेकिन सीमा पार से आने वाला खतरा अब भी बना हुआ है।

डिजिटल सर्विलांस से मजबूत हुई सीमा सुरक्षा

सुरक्षा बल अब उन्नत डिजिटल सर्विलांस सिस्टम, थर्मल सेंसर और आधुनिक उपकरणों की मदद से सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

सेना ने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सीमा, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अब तक ड्रोन या घुसपैठ की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया गया है और आगे भी दुश्मन की हर साजिश को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version