ऑडी में बैठा था कानून, फिर भी कुचले गए 16 लोग… जयपुर हादसे की डरावनी सच्चाई

Jaipur Hit and Run

Jaipur Hit and Run: जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर शुक्रवार रात एक दर्दनाक और चौंकाने वाले हादसे की गवाह बनी। नशे में धुत एक रईसजादे ने तेज रफ्तार ऑडी कार से 16 लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ऑडी कार दिनेश चला रहा था, जो शराब के नशे में पूरी तरह बेहोश हालत में था। हैरानी की बात यह है कि उसकी बगल वाली सीट पर (Jaipur Hit and Run) पुलिस कांस्टेबल मुकेश बैठा था, जिसने न तो गाड़ी रुकवाई और न ही नशे में ड्राइविंग को रोका।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीछे की सीट पर दिनेश के दो साथी मौजूद थे। हादसे के बाद ड्राइवर दिनेश और कांस्टेबल मुकेश फरार हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दो आरोपी हिरासत में, ड्राइवर फरार

पत्रकार थाना पुलिस ने दिनेश के दो साथियों पप्पू चौधरी और मुकेश चौधरी को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि दिनेश ने अत्यधिक शराब पी रखी थी और वे उसे बार-बार गाड़ी धीमी चलाने को कह रहे थे, लेकिन वह किसी की सुनने की हालत में नहीं था।

पुलिस के अनुसार हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और ड्रिंक एंड ड्राइव है। दिनेश की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीमें गठित कर दी गई हैं, लेकिन वह अपने पते से फरार है और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है।

सिस्टम की लापरवाही भी आई सामने

इस हादसे में प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई है। जिस सड़क पर हादसा हुआ, वहां थड़ी-ठेले और अतिक्रमण था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क खाली होती, तो शायद इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया और थड़ी-ठेलों को हटाकर साइड में कराया गया, लेकिन सवाल यह है कि हादसे से पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

दाल-बाटी खाने आया मजदूर, लौट नहीं पाया घर

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर का नाम रमेश बताया गया है। वह दाल-बाटी खाने के लिए सड़क किनारे रुका था। किसी को क्या पता था कि खाने का वह पल उसकी जिंदगी का आखिरी पल बन जाएगा। पुलिस ने इस मामले में हिट एंड रन का केस दर्ज कर लिया है।

ऑडी कार जब्त, अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज जारी

घटना की सूचना मिलते ही मुहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत जयपुरिया अस्पताल भिजवाया गया। हादसे में शामिल ऑडी कार को जब्त कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि यह ऑडी कार दमन डीडी नंबर की है, जो श्रीरामकृष्ण चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस अब वाहन की ownership और इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

सवाल वही—कानून सबके लिए बराबर?

इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नशे में गाड़ी चलाने वालों और रसूखदार लोगों पर कानून उसी सख्ती से लागू होता है, जैसा आम आदमी पर? फिलहाल जयपुर की सड़कों पर मातम है और जवाबों की तलाश जारी है।

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