
FLORIDA : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच स्पष्ट किया है कि अमेरिका को तेहरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियानों में ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के अधिकांश सैन्य विनिर्माण ढांचों और परमाणु ठिकानों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “हमें किसी समझौते की हड़बड़ी नहीं है, क्योंकि हमने उनकी सैन्य क्षमता को काफी हद तक ध्वस्त कर दिया है। अब केवल एक या दो ठिकाने बाकी हैं और हम उन्हें महज 10 मिनट के भीतर निशाना बना सकते हैं।”
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका अगले सप्ताह से ईरान पर दोबारा सैन्य हमले शुरू कर सकता है, तो ट्रंप ने सैन्य रणनीति का हवाला देते हुए कोई भी स्पष्ट उत्तर देने से मना कर दिया। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “यदि मैं ऐसा कोई कदम उठाने वाला भी हूँ, तो क्या आपको पहले से बताऊंगा? और अगर नहीं करने वाला, तब भी क्या उजागर करूंगा? मैं इस विषय पर कुछ नहीं कह सकता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान वार्ता का इच्छुक जरूर दिखता है, लेकिन उसके पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उस पर सहज विश्वास नहीं किया जा सकता।
ट्रंप का यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई द्वारा दिए गए उस निर्देश के तुरंत बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरानी सशस्त्र बलों को किसी भी अमेरिकी या इजरायली आक्रामकता का तत्काल और कड़ा जवाब देने को कहा था।
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो का पक्ष लेते हुए कहा कि वे जब तक चाहें अमेरिका में रह सकते हैं। उन्होंने ब्राजील के हालिया चुनाव नतीजों को अनुचित करार दिया। इसके अलावा, अपनी पूर्व वकील अलीना हब्बा मिल्डन से जुड़े 5 करोड़ डॉलर से अधिक के परामर्श अनुबंध पर असंतोष व्यक्त करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में ऐसा कोई भुगतान नहीं चाहते।