Political News: जयपुर। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में सियासी बयानबाज़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस जहां इसे छात्रों के संघर्ष और विपक्ष के दबाव की जीत बता रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी इसे पूरी तरह राजनीतिक अवसरवाद करार दे रही है। (Political News)इसी कड़ी में जयपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में युवाओं के हितैषी हैं, तो उन्हें दिल्ली में प्रदर्शन करने के बजाय जयपुर आकर राजस्थान में कांग्रेस शासनकाल के कथित पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
‘राहुल गांधी जयपुर आकर कराएं FIR’
गौरव वल्लभ ने कहा कि राहुल गांधी को राजस्थान आकर कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित 19 से अधिक पेपर लीक मामलों के संबंध में तत्कालीन शिक्षा मंत्री और वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कार्रवाई करने के बजाय ऐसे नेता को संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता देश की युवा पीढ़ी और विकसित भारत-2047 का लक्ष्य है। उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान ने अपने स्तर पर इस्तीफा देकर जवाबदेही का संदेश दिया है और सरकार शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
गौरव वल्लभ ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का प्रदर्शन छात्रों के हितों से अधिक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि विपक्ष को केवल विरोध की राजनीति करने के बजाय छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर चर्चा करनी चाहिए।
भाजपा ने राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा फिर उठाया। गौरव वल्लभ ने कहा कि रीट, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती और एसआई भर्ती सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजस्थान में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र इस राजनीतिक टकराव के बीच निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उम्मीद लगाए हुए हैं।
