इंडिया-EU ट्रेड एग्रीमेंट से किन राज्यों में आएगा निवेश और कहां बनेंगे रोजगार हब सबसे ज्यादा तेजी से

India EU FTA

India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) की चर्चा इस समय पूरी दुनिया में हो रही है। दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील” बताया है। माना जा रहा है कि यह डील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त टैरिफ नीति की बुनियाद को भी हिला सकती है।

वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से यूरोपीय यूनियन को होने वाले निर्यात में करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की संभावना है। (India EU FTA) इससे भारत की अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

यूरोपीय निवेश पहले से मजबूत, अब और बढ़ेगा
फिलहाल भारत में यूरोपीय संघ की करीब 6,000 कंपनियां काम कर रही हैं। भारत में आने वाले कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में यूरोपीय संघ का योगदान 16.5 फीसदी से ज्यादा है। अप्रैल 2000 से मार्च 2024 तक यूरोपीय यूनियन से भारत में करीब 40.04 अरब अमेरिकी डॉलर का एफडीआई आ चुका है। इस नए FTA के बाद यूरोपीय निवेश में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

9,425 उत्पादों पर टैरिफ हटेगा, निर्यातकों को राहत
इस समझौते के तहत 9,425 उत्पादों से टैरिफ हटाने और रेगुलेटरी एक्सेस को बेहतर बनाने पर सहमति बनी है। इससे कृषि उत्पाद, कपड़ा, चमड़ा, आभूषण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को यूरोपीय बाजार में आसानी से पहुंच मिलेगी। इस डील का असर देश के कई राज्यों में अलग-अलग सेक्टरों पर देखने को मिलेगा।

महाराष्ट्र को क्या फायदा होगा?

भारत-EU FTA से महाराष्ट्र का औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र मजबूत होगा।

  • कपड़ा उद्योग पर लगने वाला 12% टैरिफ खत्म होगा
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर लगने वाला 14% शुल्क हटेगा
  • इचलकरंजी के गारमेंट क्लस्टर को सीधा फायदा
  • पुणे के इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा हब से निर्यात बढ़ेगा
  • रायगढ़-ठाणे की फार्मा यूनिट और मुंबई के ज्वेलरी व्यापारियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा

गुजरात में किन सेक्टरों को फायदा?

गुजरात का एक्सपोर्ट-आधारित औद्योगिक ढांचा इस डील से और मजबूत होगा।

  • सूरत से कपड़ा, हीरे और आभूषणों के निर्यात में बढ़ोतरी
  • भरूच और वडोदरा के केमिकल सेक्टर को फायदा, क्योंकि 97.5% केमिकल उत्पादों पर शुल्क घटकर 12.8% हो जाएगा
  • राजकोट से इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ेगा
  • वेरावल से समुद्री उत्पादों के निर्यात में भी तेजी आने की उम्मीद

तमिलनाडु

  • तिरुप्पुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मजबूती, क्योंकि 12% टैरिफ हटाया गया
  • वेल्लोर-अंबूर के चमड़ा और जूते उद्योग को फायदा, जहां पहले 17% शुल्क लगता था
  • चेन्नई और कोयंबटूर का इंजीनियरिंग-इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरिडोर और मजबूत होगा

पश्चिम बंगाल

  • उत्तरी बंगाल से दार्जिलिंग चाय को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच
  • दीघा और हल्दिया से सी-फूड निर्यात को राहत, जिस पर पहले 26% टैरिफ लगता था
  • पारंपरिक हस्तशिल्प को नए बाजार और बेहतर कीमत मिलने की संभावना

असम

  • डिब्रूगढ़-जोरहाट की चाय और ऊपरी असम के मसालों की यूरोप में पहुंच बढ़ेगी
  • बारपेटा और नलबाड़ी के बांस से बने फर्नीचर और हस्तशिल्प को फायदा
  • विशिष्ट औषधीय उत्पादों के निर्यात को भी नई संभावनाएं मिलेंगी

केरल

  • कोच्चि और अलाप्पुझा से झींगा और टूना मछली के निर्यात में बढ़ोतरी
  • इडुक्की और वायनाड से काली मिर्च और इलायची को यूरोपीय बाजार में सीधी पहुंच
  • किसानों और मछुआरों की आय बढ़ने की उम्मीद

कर्नाटक

  • बेंगलुरु-तुमकुरु से इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा निर्यात में तेजी
  • MSME आपूर्तिकर्ताओं को बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना
  • बेंगलुरु से गारमेंट्स निर्यात बढ़ेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर बनेंगे

उत्तर प्रदेश

  • कानपुर और आगरा से चमड़े के जूतों का निर्यात बढ़ेगा
  • सहारनपुर के फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट को यूरोप में नया बाजार
  • नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और पश्चिमी यूपी से कृषि उत्पादों को फायदा

राजस्थान

  • जयपुर के आभूषणों की यूरोपीय मांग बढ़ेगी
  • जोधपुर के लकड़ी के फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट को फायदा
  • खेल सामान, कपड़ा और चमड़ा उत्पादों के निर्यात में तेजी

पंजाब

  • लुधियाना के कपड़ा और बुनाई उद्योग को बढ़ावा
  • जालंधर के खेल सामान की यूरोप में मांग बढ़ेगी
  • मंडी गोविंदगढ़ के हल्के इंजीनियरिंग उत्पादों को नया बाजार मिलेगा

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