Middle East tension:मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरान को लेकर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए न तो सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र और न ही उसकी जमीन इस्तेमाल की जाएगी।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब पूरे मध्य पूर्व में (Middle East tension) हालात संवेदनशील बने हुए हैं और संभावित सैन्य टकराव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं जताई जा रही हैं।
फोन बातचीत में दिया गया सख्त संदेश
सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, यह बात क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के बीच हुई फोन बातचीत के दौरान कही गई।
यह बातचीत मंगलवार देर रात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
ईरान की संप्रभुता के सम्मान पर जोर
क्राउन प्रिंस ने बातचीत के दौरान कहा कि सऊदी अरब ईरान की संप्रभुता का पूरा सम्मान करता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब अपने हवाई क्षेत्र या अपनी जमीन का इस्तेमाल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई या हमले के लिए नहीं करने देगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चाहे हमला किसी भी देश द्वारा और कहीं भी किया जाए, सऊदी अरब इस तरह की किसी भी कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा।
संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर
मोहम्मद बिन सलमान ने दोहराया कि सऊदी अरब क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब हर उस प्रयास का समर्थन करता है, जो बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों को सुलझाने की दिशा में हो।
उनका मानना है कि सैन्य टकराव की बजाय संवाद ही पूरे मध्य पूर्व में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता का रास्ता है।
क्यों अहम माना जा रहा है यह बयान
- ईरान को लेकर मध्य पूर्व में कई देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
- सऊदी अरब का यह रुख साफ करता है कि वह किसी भी सैन्य टकराव से दूरी बनाए रखना चाहता है।
- यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति और शांति प्रयासों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
