Rajasthan Crime News: बारां/जयपुर। सस्ती कीमत पर वाहन खरीदने या गिरवी रखने का लालच देकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले एक संगठित गिरोह का बारां पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे वाहन मालिकों को निशाना बनाता था, उनसे दस्तावेज लेकर वाहनों का फर्जी सौदा करता और फिर उन्हीं वाहनों को दूसरे लोगों के पास गिरवी रखकर मोटी रकम वसूलता था। (Rajasthan Crime News)पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में वाहन और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत बड़ी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि थाना अंता में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान जिला स्तर पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। अभियान का उद्देश्य फाइनेंस वाहनों की अवैध खरीद-फरोख्त और धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसना है।
ऐसे रचते थे करोड़ों की ठगी का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक संकट से गुजर रहे वाहन मालिकों से कम कीमत पर वाहन खरीदने का झांसा देकर हस्ताक्षरयुक्त स्टांप, वाहन हस्तांतरण के फॉर्म-29 और फॉर्म-30 तथा अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद उन्हीं वाहनों को दूसरे लोगों के पास अधिक रकम लेकर गिरवी रख दिया जाता था।
गिरोह जानबूझकर वाहनों की फाइनेंस किश्तें जमा नहीं करता था। परिणामस्वरूप फाइनेंस कंपनी या मूल वाहन मालिक वाहन जब्त कर लेते थे। इससे वाहन गिरवी रखने वाले व्यक्ति और वास्तविक मालिक दोनों ठगी का शिकार हो जाते थे, जबकि आरोपी लाखों-करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमा लेते थे।
15 वाहनों से करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
अंता थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए भगवान प्रसाद गोस्वामी, उसके तीन पुत्र शुभम, शिवम और संदीप, तथा रवि उर्फ रंगीला रेगर को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 11 चार पहिया वाहन, 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 3 मोटरसाइकिल, 29 हस्ताक्षरयुक्त स्टांप, फॉर्म-29, फॉर्म-30 और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में करीब 15 वाहनों के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
