Ayodhya Ram Mandir: नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित घोटाले को लेकर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। RSS प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के एक क्षेत्र प्रचारक जांच के लिए अयोध्या पहुंच गए हैं। इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को 11 जुलाई की ट्रस्ट मीटिंग में हुई बातों पर सफाई देने के लिए कहा गया है। (Ayodhya Ram Mandir)खबर है कि चंपत राय को दिल्ली भी बुलाया गया है।
ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी चर्चा
रिपोर्ट्स बता रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटते ही ट्रस्ट के पुनर्गठन पर भी चर्चा शुरू हो जाएगी।
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच में पुलिस ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया था। अयोध्या पुलिस ने केस के सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अविनाश शुक्ला, लव कुश मिश्रा और रामशंकर यादव समेत अन्य आरोपियों के घरों पर हुई। जिन आठ लोगों पर गड़बड़ी का आरोप है, वे सभी फिलहाल 29 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच में पाया है कि मंदिर में पैसों के गबन के अलावा रिश्तेदारों की भी भर्ती की गई थी।
दानपात्र से निकले पैसों को गिनकर बैंक…
इस मामले में केस दर्ज करने में देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस और ट्रस्ट के कर्मचारियों को इस धोखाधड़ी की जानकारी पहले ही मिल गई थी, लेकिन केस दर्ज करने में देर की गई। इस बीच, 5 जून को आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पर हुई छापेमारी का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी एक बैग ले जाते दिख रहे हैं। अयोध्या राम मंदिर में चंदा घोटाले के मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोर्ट ने पिछले दिनों उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।गिरफ्तार लोगों में से एक, सुभाष कश्यप, बैंक के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उनका काम दानपात्र से निकले पैसों को गिनकर बैंक में जमा करना था। बाकी छह लोग दान की गिनती करने का काम करते थे। एक और आरोपी चंपत राय का ड्राइवर टिंकू यादव है। पुलिस ने बैंक कर्मचारी को छोड़कर बाकी सात लोगों के पास से करीब 80 लाख रुपये बरामद किए हैं।
