आसाराम को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! उम्रकैद की सजा बरकरार, सरेंडर के आदेश

Asaram Bapu Case

Asaram Bapu Case: आसाराम को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रख सरेंडर का दिया आदेश
आसाराम बापू पर लगी गैंगरेप की धाराओं को हटाने के साथ ही दो सह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है. हाईकोर्ट ने इन्हें रिहा करने के साथ ही आसाराम को तत्काल सरेंडर करने के आदेश दिये हैं. नाबालिग से दुष्कर्म ममाले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को राजस्थान हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के उम्र कैद की सजा के फैसले को बरकरार रखा है.

साथ ही आसाराम को तुरंत सरेंडर करने के आदेश जारी कर दिये हैं. (Asaram Bapu Case)वहीं जोधपुर पीठ की डिवजीनल बेंच ने इस केस में कई तकनीकी और कानूनी बारीकियों को देखते हुए चौंकाने वाले बदलाव किया हैं. कोर्ट ने केस में गैंगरेप से लेकर साजिश जैसे बड़े आरोपों को तो हटा दिया है, लेकिन साज आसाराम को जेल और सजा से कोई राहत नहीं मिली है.

 गैंगरेप की धाराओं को हटा…

अदालत ने आसाराम बापू समेत तीन आरोपियों की अपील पर सुनवाई की, जिसमें आसाराम प लगी गैंगरेप की धाराओं को हटा दिया. है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सबूतों के आधार पर यह गैंगरेप साबित नहीं होता है. इसलिए गैंगरेप की धारा हटाई जाती हैं, लेकिन निचली अदालत से मिली उम्र कैद की सजा बरकरार रहेगी. निचली आदलत ने गैंगरेप की धाराओं के साथ ही आसाराम बापू के साथ ही उसके दो साथी शरद और शिल्पी को भी आरोपी माना था. इन्हें 120 बी और धारा 34 के तहत सजा के आदेश दिये गये थे, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए दोनों सह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है.

इसमें साफ कहा गया है कि गैंगरेप की धारा हटाने के साथ ही इनकी सहभागीता भी नहीं मिलती है. ऐसे में कोर्ट ने धारा 120B और धारा 34 के आरोपों को पूरी तरह से हटाकर शरद और शिल्पी को बरी कर दिया है.

 

रेप और पोस्को एक्ट रहेगा बरकरार

हाईकोर्ट भले ही आसाराम को गैंगरेप की धारा से मुक्त करने के साथ ही केस में आरोपी माने गये शरद और शिल्पा को बरी कर दिया हो, लेकिन आसाराम को भी सजा में कोई कमी नहीं की है. अदालत ने साफ किया कि भले ही गैंगरेप की धाराएं हटाई गई हों, लेकिन मुख्य आरोपी आसाराम पर लगे व्यक्तिगत आरोप बहुत ही गंभीर हैं. यही वजह है कि अदालत ने पोक्सो एक्ट और रेप की गंभीर धाराओं के तहत निचली अदालत की ओर से दोषी ठहराए जाने के फैसले को सही मानते हुए, इसे बरकरार रखा है.

पैरोल को खत्म कर

हाल में आसाराम जेल से बाहर चल रहे हैं, लेकिन हाईकोर्ट ने आदेश सुनाने के साथ ही पैरोल को खत्म कर दिया है. कोर्ट ने आसाराम को तुरंत सरेंडर करने के आदेश दिये हैं. इस दौरान हाईकोर्ट के जजों ने वकीलों की दलीलों को खारिज करते हुए बहुत सख्त रुख अपनाया है.

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